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छत्तीसगढ़ : चिरायु योजना से बच्चों को मिल रहा नया जीवन, जनसंपर्क विभाग ने साझा किए विवरण

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Ms Sarah Welch / Wikimedia Commons (CC0)

छत्तीसगढ़ में जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी विभिन्न प्रतिवेदनों के अनुसार, राज्य के अलग-अलग ज़िलों में चिरायु योजना बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण में अत्यंत उपयोगी साबित हो रही है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, बेमेतरा ज़िले में चिरायु योजना के क्रियान्वयन से बच्चों को नया जीवन मिला है। जनसंपर्क विभाग का कहना है कि योजना के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में सकारात्मक सुधार दर्ज किया गया है, जिससे प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत पहुँची है।

प्रशासनिक विवरण के अनुसार, उत्तर बस्तर कांकेर में चिरायु योजना का प्रत्यक्ष लाभ छह वर्षीय बालिका रिया को प्राप्त हुआ है। जनसंपर्क विभाग ने बताया है कि योजना की मदद से रिया को नई ज़िंदगी मिली है और उपचार के उपरांत अब वह सुनने तथा बोलने में सक्षम हो चुकी है। इसी कड़ी में राजधानी रायपुर में भी चिरायु योजना एक अन्य बच्ची अमीषा के लिए वरदान साबित हुई है। शासन की विज्ञप्तियों में इन मामलों को योजना की प्रभावशीलता के प्रमुख उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

इसके अतिरिक्त, रायपुर ज़िले में जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित बच्चों के स्वास्थ्य प्रबंधन को लेकर भी महत्वपूर्ण सफलता दर्ज की गई है। जनसंपर्क विभाग के अनुसार, गंभीर हृदय विकारों से पीड़ित बच्चों में रोग की समय पर पहचान की गई, जिसके बाद उन्हें उचित रेफरल प्रदान किया गया और विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया गया। इन समन्वित प्रयासों के फलस्वरूप ऐसे बच्चों का सफल उपचार संभव हो सका। इसके साथ ही रायपुर स्थित ज़िला अस्पताल का पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) भी कुपोषण से पीड़ित बच्चों के लिए जीवनदाता बनकर कार्य कर रहा है।

प्रशासनिक सुधारों और जनसेवाओं के विस्तार के क्रम में बेमेतरा ज़िले से जुड़ा एक अन्य पहलू भी सामने आया है। जनसंपर्क विभाग के अनुसार, बेमेतरा में ‘सेवा सेतु’ की व्यवस्था छत्तीसगढ़ में सुशासन और डिजिटल प्रशासन के क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ रही है। शासन का दावा है कि विभिन्न ज़िलों में चिरायु योजना जैसी स्वास्थ्य पहलों और आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्थाओं के माध्यम से नागरिकों तक शासकीय सेवाओं की पहुँच को लगातार सुदृढ़ बनाया जा रहा है।

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