छत्तीसगढ़ में पुराने ट्रैक्टरों की बिक्री: कवर्धा, बलौदाबाजार और मुंगेली केंद्रों की सूची जारी

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में कृषि जरूरतों को ध्यान में रखते हुए व्यावसायिक मंच ट्रैक्टर जंक्शन ने राज्य के विभिन्न केंद्रों पर उपयोग किए जा चुके ट्रैक्टरों की सूची जारी की है। कंपनी की ओर से जारी विवरण के अनुसार कवर्धा, बलौदाबाजार, मुंगेली और पंडरिया स्थित विक्रय केंद्रों पर 35 से 50 हॉर्सपावर क्षमता वाले कई पुराने मॉडल बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। इन वाहनों का उपयोग जुताई, बुवाई, कल्टीवेटर, रोटावेटर और ढुलाई जैसे कृषि कार्यों के लिए किया जाता है।
कवर्धा विक्रय केंद्र पर सबसे कम कीमत में वर्ष 2015 का न्यू हॉलैंड एक्सेल 4510 मॉडल 2.55 लाख रुपये में दर्ज किया गया है। इसी केंद्र पर वर्ष 2017 का आयशर 485 ट्रैक्टर 2.90 लाख रुपये में रखा गया है। इसके अतिरिक्त महिंद्रा 415 डीआई एसपी प्लस और महिंद्रा 415 डीआई के वर्ष 2023 मॉडल 4.45 लाख रुपये की दर पर उपलब्ध हैं। सोनालीका 42 डीआई सिकंदर का 2023 मॉडल 4.55 लाख रुपये और वर्ष 2024 मॉडल 4.60 लाख रुपये में सूचीबद्ध है। कवर्धा में रायपुर बायपास स्थित केंद्र पर पूर्व में 35 से 40 हॉर्सपावर श्रेणी के पावरट्रैक 434 डीएस (2023 मॉडल) की दर 4.50 लाख रुपये और महिंद्रा 275 डीआई एक्सपी प्लस (2023 मॉडल) की दर 5.00 लाख रुपये दर्ज की गई थी।
बलौदाबाजार केंद्र पर वर्ष 2022 का महिंद्रा अर्जुन 555 डीआई मॉडल 6.30 लाख रुपये की अधिकतम कीमत पर रखा गया है। वहीं वर्ष 2024 मॉडल पावरट्रैक यूरो 42 प्लस की कीमत 5.90 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इस केंद्र पर मैसी फर्ग्यूसन 241 डीआई का 2021 मॉडल 3.70 लाख रुपये और 2024 मॉडल 4.40 लाख रुपये में मिल रहा है। इसके अलावा महिंद्रा 415 डीआई का 2023 मॉडल 4.45 लाख रुपये और सोनालीका डीआई 35 का 2024 मॉडल 4.40 लाख रुपये में उपलब्ध कराया गया है।
मुंगेली केंद्र में वर्ष 2024 के फार्मट्रैक चैंपियन 39 की कीमत 4.10 लाख रुपये और फार्मट्रैक चैंपियन 42 की कीमत 4.50 लाख रुपये रखी गई है। इसी केंद्र पर वर्ष 2024 का सोनालीका 42 डीआई सिकंदर और महिंद्रा 415 डीआई 4.60 लाख रुपये में तथा 2023 का महिंद्रा 415 डीआई 4.40 लाख रुपये में दर्ज है। कबीरधाम ज़िले के पंडरिया केंद्र पर 2023 मॉडल सोनालीका डीआई 35 को 3.85 लाख रुपये में बिक्री के लिए रखा गया है। कंपनी के अनुसार इन वाहनों की खरीद पर 85 प्रतिशत तक ऋण सुविधा और आरसी स्थानांतरण सहायता दी जा रही है।