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मुख्यमंत्री ने पारस पोर्टल से जुड़े छह प्रमुख कार्यों और योजनाओं की समीक्षा की

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: VishuN / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रोजेक्ट असेसमेंट रिव्यू एवं एनालिसिस सिस्टम यानी पारस पोर्टल में शामिल विभिन्न विभागीय कार्यों के क्रियान्वयन की वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विस्तृत समीक्षा की। इस राज्य स्तरीय वर्चुअल बैठक में प्रदेश के सभी ज़िलों के कलेक्टर, ज़िला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और संबंधित विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

जनसंपर्क विभाग और आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बैठक के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े छह प्रमुख कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। इनमें सीएम हेल्पलाइन के अंतर्गत दर्ज शिकायतों का समयबद्ध तथा संतोषजनक निराकरण, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत दी जा रही नागरिक सेवाएँ, एग्रीस्टैक पोर्टल में किसानों का पंजीयन, डिजिटल फसल सर्वेक्षण, वीबी जीरामजी योजना का क्रियान्वयन और स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रम शामिल थे।

सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि शिकायतों के निराकरण के पश्चात संबंधित आवेदकों से सतत संपर्क कर फीडबैक प्राप्त किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश भर में अब तक 45 हजार आवेदकों ने अपने आवेदनों के निराकरण पर पूर्ण संतोष व्यक्त करते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।

समीक्षा के दौरान कृषि क्षेत्र से जुड़ी तकनीकी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। इस क्रम में किसानों तथा खाताधारकों के विवरण को एग्रीस्टैक पोर्टल में दर्ज करने की स्थिति जांची गई। बैठक में बालोद ज़िला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी ने बताया कि ज़िले के सभी किसानों और खातेधारकों का पोर्टल पर अनिवार्य पंजीयन सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके साथ ही डिजिटल फसल सर्वेक्षण के कार्यों की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की गई। शिक्षा विभाग के कार्यों के अंतर्गत छात्र-छात्राओं को पाठ्यपुस्तक, गणवेश और सरस्वती सायकल वितरण की प्रगति तथा प्रधानमंत्री पोषण योजना के संचालन का ब्योरा लिया गया।

मुख्यमंत्री ने पारस पोर्टल के अंतर्गत शामिल कार्यों के क्रियान्वयन और अब तक की प्रगति की सराहना की। उन्होंने सभी ज़िलों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे पोर्टल में दर्ज सभी योजनाओं और जनसेवाओं का निर्धारित समय-सीमा के भीतर पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

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