रायगढ़: घरघोड़ा में चार नवंबर से हर बुधवार लगेगा कलेक्टर कैंप कोर्ट

रायगढ़ ज़िले के दूरस्थ इलाकों के लोगों को राजस्व और प्रशासनिक विवादों के समाधान के लिए अब ज़िला मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा। जनसंपर्क विभाग की विज्ञप्ति और आधिकारिक आदेश के मुताबिक, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने घरघोड़ा में साप्ताहिक कैंप कोर्ट संचालित करने का निर्णय लिया है। यह शिविर न्यायालय चार नवंबर 2026 से प्रारंभ होगा और इसके बाद प्रत्येक बुधवार को घरघोड़ा में आयोजित किया जाएगा।
प्रशासनिक आदेश के तहत इस व्यवस्था में घरघोड़ा के अलावा तमनार, लैलूंगा, मुकडेगा, धरमजयगढ़, छाल तथा कापू तहसील को शामिल किया गया है। इन सभी सात तहसीलों के भू-राजस्व और अन्य प्रशासनिक प्रकरणों की सुनवाई इसी केंद्र पर तय होगी। शासन का कहना है कि इस पहल से ग्रामीण अंचलों के पक्षकारों को छोटे मामलों के लिए भी रायगढ़ ज़िला मुख्यालय तक लंबी दूरी तय करने से राहत मिलेगी और उनका आवागमन खर्च भी घटेगा।
शिविर न्यायालय में छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 के तहत दर्ज प्रथम अपील, द्वितीय अपील, पुनरीक्षण और पुनर्विलोकन जैसे मामलों की सुनवाई कर उनका निपटारा किया जाएगा। इसके साथ ही संबंधित क्षेत्रों के नगरीय निकायों से जुड़े नगर पालिका अधिनियम के प्रकरणों पर भी विचार होगा। विधिक प्रक्रिया के अंतर्गत छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 122 के तहत दाखिल चुनाव याचिकाओं की सुनवाई होगी। इसके अलावा इसी अधिनियम की धारा 91 से जुड़ी अपीलों और पुनरीक्षण आवेदनों का भी यहीं निराकरण किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक बुधवार को कैंप कोर्ट की न्यायिक कार्यवाही के साथ-साथ कलेक्टर जनदर्शन का भी आयोजन होगा। जनदर्शन के दौरान स्थानीय नागरिक अपनी निजी तथा सामूहिक समस्याओं और शिकायतों को सीधे ज़िला कलेक्टर के समक्ष रख सकेंगे। इसी दिन प्रशासनिक स्तर पर विभिन्न विभागों के कामकाज और सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठकें भी ली जाएँगी, जिससे ज़मीनी स्तर के शासकीय कार्य समयबद्ध रूप से पूरे हो सकें।