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बिलासपुर: डीजीपी अरुण देव गौतम ने गोद लिए रतनपुर थाने का किया निरीक्षण, डिजिटल पुलिसिंग और बीट व्यवस्था की समीक्षा

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Yawansahu / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ में पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और चुस्त बनाने की पहल के तहत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा थाने गोद लेने की व्यवस्था लागू की गई है। इसी क्रम में पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने अपने गोद लिए बिलासपुर जिले के रतनपुर थाने का स्थलीय निरीक्षण किया। प्रवास के दौरान उन्होंने पुलिस व्यवस्था, अपराध अनुसंधान और सूचना तकनीक के उपयोग की प्रगति का प्रत्यक्ष मूल्यांकन किया।

थाने पहुंचने से पूर्व पुलिस महानिदेशक ने शाम सवा चार बजे मां महामाया मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद शाम पांच बजकर बीस मिनट पर वे पुलिस महानिरीक्षक तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ थाना परिसर पहुंचे। वहां उन्होंने परिसर में पौधरोपण किया और मालखाना, रोजनामचा रजिस्टरों व अन्य अभिलेखों की जांच की। डीजीपी ने थाना प्रभारी निलेश पांडेय से थाने के कामकाज, दर्ज अपराधों और उनकी जांच की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान डीजीपी ने नए कानूनों के तहत डिजिटल प्रणाली का दायरा बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने विवेचकों को ई-एफआईआर, ई-साक्ष्य, ई-एफएसएल, ई-समन और ई-वारंट के नियमित उपयोग के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने गंभीर आपराधिक प्रकरणों में फोरेंसिक परीक्षण सुनिश्चित करने तथा घटनास्थल की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराने को कहा, ताकि जांच प्रक्रिया को तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जा सके।

डीजीपी ने थाने के बीट प्रभारियों की बैठक लेकर गांवों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने आरक्षकों से उनके बीट क्षेत्र के गांवों के नाम, सरपंचों और स्थानीय परिस्थितियों को लेकर सवाल किए। अधिकांश जवानों ने सही जानकारी दी, जबकि कुछ मामलों में उन्होंने स्वयं सही विवरण साझा कर जमीनी अमले को अपने प्रभार क्षेत्र की पूर्ण व अद्यतन जानकारी रखने के निर्देश दिए।

प्रवास के दौरान संवाददाताओं से चर्चा करते हुए डीजीपी ने प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने में सुरक्षा बलों, पुलिस कर्मियों, उनके परिजनों और बस्तर की जनता के सामूहिक संघर्ष तथा बलिदान को महत्वपूर्ण बताया। वहीं बिलासपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू किए जाने की संभावनाओं पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह शासन स्तर का नीतिगत निर्णय है।

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