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राष्ट्र के 13वें संबोधन में नरेंद्र मोदी ने वैचारिक नक्सलवाद को बताया गंभीर खतरा

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: aajtak.in

नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को 13वीं बार संबोधित किया। यह 80 वर्षों में पहला ऐसा अवसर था जब राष्ट्रगान से पहले वंदे मातरम प्रस्तुत हुआ। अपने इस वक्तव्य में उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था, सुरक्षा तथा आंतरिक चिंताओं से संबंधित विभिन्न चुनौतियों का सीधा उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने वैचारिक नक्सलियों की ओर से उत्पन्न स्थिति को देश के समक्ष एक गंभीर खतरा बताया।

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