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छत्तीसगढ़ कैबिनेट: पूर्व अग्निवीरों के लिए 36 आरक्षक पद स्वीकृत, आदिम जाति विकास विभाग का बदला नाम

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: thestatesman.com

छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने गृह विभाग में पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक संवर्ग के 36 पदों पर भर्ती को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में रायपुर में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। कैबिनेट के फैसले के तहत राज्य में रिक्त पदों की उपलब्धता के आधार पर इन अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाएगी। शासन के अनुसार प्रदेश में पूर्व अग्निवीरों को आरक्षक भर्ती में 10 प्रतिशत श्रेणीवार आरक्षण देने का प्रावधान पहले ही लागू किया जा चुका है।

प्रशासनिक स्तर पर कैबिनेट ने ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम परिवर्तित करने का निर्णय लिया है। अब इस विभाग को ‘जनजातीय कार्य विभाग’ के नाम से जाना जाएगा। इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए छत्तीसगढ़ शासन के कार्य आवंटन नियमों में संशोधन किया जाएगा।

बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया गया। इसमें उनके गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 13 वर्षों के कार्यकाल और 2014 से प्रधानमंत्री के रूप में किए गए कार्यों का उल्लेख किया गया। प्रस्ताव में अनुच्छेद 370 को समाप्त करने, राम मंदिर निर्माण, जीएसटी लागू करने और नक्सल विरोधी अभियानों जैसे कदमों की चर्चा की गई। राज्य शासन ने आवास, राशन और नल-जल योजनाओं में केंद्र से मिले सहयोग के लिए भी आभार प्रकट किया।

बैठक के उपरांत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से संवाद करते हुए कहा कि राज्य में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की निरंतर कार्रवाई से बस्तर क्षेत्र सामान्य स्थिति की ओर बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2014 से पहले भारत विश्व की अर्थव्यवस्थाओं में दसवें पायदान पर था, जो अब चौथे स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने और विश्व में तीसरे स्थान की अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है।

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