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छत्तीसगढ़ में 326 गैरहाजिर शिक्षकों और कर्मियों पर कार्रवाई शुरू, 24 ज़िलों से मांगे गए आरोप पत्र

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: aajtak.in

छत्तीसगढ़ के शासकीय स्कूलों में कार्यरत 326 शिक्षकों और कर्मचारियों पर लोक शिक्षण संचालनालय ने अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। विद्या समीक्षा केंद्र के डिजिटल उपस्थिति आंकड़ों से मिले ब्योरे के पश्चात विभाग ने राज्य के 24 ज़िलों के ज़िला शिक्षा अधिकारियों को आधिकारिक पत्र भेजा है। इन सभी अधिकारियों को चिह्नित लोकसेवकों के विरुद्ध आरोप पत्र, अभिकथन, अभिलेख सूची तथा साक्ष्य सूची तैयार करके 15 दिनों के भीतर संचालनालय को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासनिक रिपोर्ट के मुताबिक, इन 326 प्रकरणों में 177 शिक्षक, 99 गैर-शैक्षणिक कर्मी और 44 प्रधान पाठक शामिल हैं। ज़िलावार विवरण में सर्वाधिक 48 मामले रायगढ़ ज़िले में दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा कांकेर में 41, बिलासपुर में 33, सूरजपुर व कोरिया में 17-17, तथा बलौदाबाजार में 16 मामलों की पुष्टि हुई है। वहीं रायपुर और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 15-15, राजनांदगांव में 13, महासमुंद में 12, जबकि बालोद और बस्तर में 11-11 प्रकरण सामने आए हैं। बीजापुर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी तथा सुकमा में 10-10 प्रकरण पाए गए हैं।

समीक्षा केंद्र की आरंभिक पड़ताल के अनुसार, कुल मामलों में से 182 प्रकरण विद्यालयों से अनधिकृत अवकाश अथवा लंबे अंतराल से नदारद रहने के हैं। इनमें वर्षों से स्कूल न पहुंचने, असाधारण अवकाश और मेडिकल लीव के मामले सम्मिलित हैं। इसके साथ ही लगभग 90 प्रकरणों में कर्मचारियों ने तकनीकी कठिनाइयों का तर्क दिया है। इनमें स्मार्टफोन न होना, कीपैड फोन का इस्तेमाल, आईफोन में एप्लिकेशन इंस्टॉल न होना, पुराना एंड्रॉयड वर्जन, उपकरण खराब होना अथवा मोबाइल गुम होने जैसे कारण बताए गए हैं। वहीं करीब 19 मामलों में शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद विद्या समीक्षा केंद्र के मोबाइल एप पर अनिवार्य पंजीयन न कराने और उपस्थिति में लापरवाही बरतने की बात सामने आई है।

संचालनालय के अधिकारियों का कहना है कि शासकीय दिशा-निर्देशों की अनदेखी और कार्य से अनधिकृत अनुपस्थिति अनुशासनहीनता की श्रेणी में आती है। विभाग ने रायपुर, गरियाबंद, सक्ती, कबीरधाम, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई, कांकेर, जशपुर, गौरेला-पेण्ड्रा, मरवाही, बीजापुर, बेमेतरा, बस्तर, बलौदाबाजार, बालोद, सारंगढ़-बिलाईगढ़, रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर, राजनांदगांव, सूरजपुर, सुकमा और महासमुंद के शिक्षा अधिकारियों को विहित प्रक्रिया के तहत तय समय में सभी दस्तावेज़ प्रस्तुत करने को कहा है।

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