छत्तीसगढ़ में सितंबर के अवकाश और शुष्क दिवस को लेकर निर्देश

छत्तीसगढ़ शासन ने सितंबर माह में त्योहारों के अवसर पर शासकीय अवकाश तथा शुष्क दिवस से संबंधित दिशा-निर्देश स्पष्ट किए हैं। प्रशासनिक विवरण के अनुसार चार सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर पूरे प्रदेश में शासकीय अवकाश घोषित किया गया था। इस दिन सभी स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय पूरी तरह बंद रहे। इसके साथ ही आबकारी विभाग ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर राज्य भर में शुष्क दिवस का नियम लागू किया था, जिसके तहत देशी और विदेशी मदिर की दुकानों के संचालन पर पूर्ण पाबंदी रही।
आबकारी नियमों के अंतर्गत मदिरा बेचने या परोसने वाले होटल-बार, रेस्टोरेंट, क्लब और अहातों को भी बंद रखने का प्रावधान किया गया था। इसके साथ ही भांग और भांगघोटा से संबंधित फुटकर विक्रय केंद्रों पर भी पूरी तरह रोक लगाई गई थी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अवैध शराब के भंडारण, परिवहन और अवैध बिक्री के खिलाफ सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए थे ताकि पर्व शांति और सौहार्द के साथ मनाया जा सके।
माह के आगामी आयोजनों में 14 सितंबर को हरितालिका तीज के पावन अवसर पर प्रदेश भर में सामान्य शासकीय अवकाश रहेगा। इस दौरान सभी शैक्षणिक संस्थान और शासकीय दफ्तर बंद रहेंगे। इसके ठीक अगले दिन यानी 15 सितंबर को नुआखाई पर्व के उपलक्ष्य में चुनिंदा इलाकों में स्थानीय अवकाश की व्यवस्था रहेगी। स्थानीय अवकाश के चलते संबंधित क्षेत्रों के दफ्तरों और विद्यालयों में कामकाज स्थगित रहेगा।
इसके अतिरिक्त कर्मचारियों को पूरे महीने विभिन्न पर्वों पर ऐच्छिक अवकाश की सुविधा भी प्राप्त होगी। इनमें हरछठ, पोला, गणेश चतुर्थी और विश्वकर्मा जयंती के अवसर शामिल हैं। साथ ही ढोल ग्यारस और अनंत चतुर्दशी जैसे पर्वों पर भी ऐच्छिक अवकाश लिया जा सकता है। प्रशासनिक व्यवस्था के तहत ऐच्छिक और स्थानीय अवकाश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ज़िला प्रशासन और संबंधित विभागीय अधिकारियों के आदेश ही मान्य होंगे। शासन ने नागरिकों को इन तय तिथियों के आधार पर अपने शासकीय कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी है।