सौर सुजला योजना: रियायती अंशदान पर सोलर पंप दे रहा क्रेडा, दूरदराज खेतों में सिंचाई विस्तार का दावा

छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (क्रेडा) द्वारा संचालित सौर सुजला योजना के तहत किसानों को खेतों में सिंचाई के लिए रियायती दरों पर सोलर पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। शासन के अनुसार, इस योजना का मुख्य उद्देश्य गैर-पारंपरिक ऊर्जा को बढ़ावा देना और उन दूरदराज के क्षेत्रों तक सिंचाई का विस्तार करना है जहाँ पारंपरिक बिजली ग्रिड की पहुंच नहीं है।
अधिकारियों के अनुसार, बाजार में 5 हॉर्स पावर क्षमता वाले सोलर पंप की लागत करीब साढ़े चार लाख रुपये से अधिक होती है। योजना के अंतर्गत इस क्षमता के पंप के लिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों से लगभग 14 हजार 800 से 15 हजार रुपये का हितग्राही अंशदान लिया जाता है। वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग के कृषकों के लिए यह राशि लगभग 19 हजार 800 से 20 हजार रुपये और सामान्य वर्ग के किसानों के लिए 24 हजार 800 से 25 हजार रुपये निर्धारित है।
इसी तरह 3 हॉर्स पावर क्षमता के पंप के लिए, जिसकी बाजार दर करीब साढ़े तीन लाख रुपये है, अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को 10 हजार रुपये जमा करने पड़ते हैं। इस क्षमता के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग से 15 हजार रुपये तथा सामान्य वर्ग के किसानों से 20 हजार रुपये का अंशदान लिया जाता है। शेष पूरी राशि राज्य शासन द्वारा अनुदान के रूप में वहन की जाती है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, वनांचल और ग्रामीण इलाकों में नदी, नालों और कुओं के जलस्रोतों के पास ये संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित गौठानों में भी सिंचाई की व्यवस्था के लिए सोलर पंप लगाए गए हैं।
जनसंपर्क विभाग और स्थानीय कृषि अधिकारियों का दावा है कि इस सुविधा से किसानों की सिंचाई लागत और डीजल अथवा अस्थाई विद्युत कनेक्शन पर होने वाला खर्च कम हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, पानी की सतत उपलब्धता मिलने से किसान केवल खरीफ धान तक सीमित न रहकर रबी मौसम में मक्का, मिर्च, करेला, बैंगन और टमाटर जैसी नकदी फसलों की भी खेती कर रहे हैं।