
भारत और चीन के संबंधों की स्थिति पर मोदी-शी वार्ता से प्रभाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बातचीत हुई है। यह वार्ता भारत और चीन के संबंधों में सुधार के प्रयासों की परीक्षा लेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बातचीत हुई है। यह वार्ता भारत और चीन के संबंधों में सुधार के प्रयासों की परीक्षा लेगी।

क्रेमलिन के अनुसार ब्रिक्स सम्मेलन से पूर्व शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बैठक होगी।

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन में नई दिल्ली घोषणापत्र जारी किया गया। इसमें युद्ध में संयम बरतने का आग्रह किया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों देशों ने एक-दूसरे को प्रतिद्वंद्वी के बजाय साझेदार मानते हुए सीमा मामलों के समाधान पर ज़ोर दिया।

ब्रिक्स सम्मेलन 2026 के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच आज शाम पांच बजे के बाद द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है।

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच आज वार्ता निर्धारित है। इस बीच बीजिंग ने एक-दूसरे की सफलता में सहायक साझेदार बनने के लिए कार्य करने की बात कही है।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिखर वार्ता के लिए रूस आने का आमंत्रण दिया है।

ब्रिक्स सम्मेलन के आयोजन से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ब्रिक्स मंच पर वैश्विक बदलावों, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक वृद्धि के नए माध्यमों पर विचार साझा किए।

ब्रिक्स सम्मेलन से पूर्व आयोजित बैठक में नेताओं ने रक्षा, ऊर्जा और अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा की। इस दौरान शांति प्रयासों में सहयोग और वार्ता पर बल दिया गया।

पीएम मोदी ने पेजेशकियन से मुलाकात कर पश्चिम एशिया विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत का आह्वान किया। साथ ही ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री आवाजाही का मुद्दा भी उठाया।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति की द्विपक्षीय मुलाकात हुई।

नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। चीनी राष्ट्रपति सात वर्षों के बाद भारत के दौरे पर पहुंचे हैं।

ब्रिक्स के मंच पर संतुलन साधते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की है और वे चीनी राष्ट्रपति शी से भी मिलेंगे। भारत इस बहुपक्षीय मंच पर अपने कूटनीतिक संबंधों को सावधानीपूर्वक आगे बढ़ा रहा है।

ब्रिक्स समूह में भारत, ब्राजील, चीन सहित कई देश शामिल हैं। इसके साथ ही बेलारूस और मलेशिया जैसे देश भागीदार के रूप में जुड़े हैं।

शी जिनपिंग और नरेंद्र मोदी के बीच होने वाली प्रस्तावित बैठक में रणनीतिक आर्थिक संवाद का विषय चर्चा की मेज पर शामिल किया गया है।

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग का भारत दौरा पहले से तय योजना के तहत हुआ था। यह कोई अंतिम समय में लिया गया आकस्मिक निर्णय नहीं था।

भारत 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। सम्मेलन में विभिन्न देशों के शीर्ष नेता शामिल होंगे।

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय संकटों पर बातचीत होने के आसार हैं। इस दौरान पुतिन और पीएम मोदी के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी संभव है।

पश्चिमी देशों के वर्चस्व वाली वैश्विक संस्थाओं में अपनी पैठ बढ़ाने के लिए प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं ने वर्ष 2009 में ब्रिक्स समूह की स्थापना की थी।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक कल्याण के लिए सकारात्मक बातचीत की उम्मीद जताई है। नई दिल्ली पहुंचे पुतिन के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है।

पेजेशकियन आज पहुँच रहे हैं। वह आगामी सम्मेलन के शुरू होने से पहले मोदी के साथ बैठक करेंगे।

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की यात्रा से भारत और चीन दोनों देशों को बड़े लाभ मिलने की उम्मीद है।

पश्चिम एशिया में गहराते तनाव के बीच ब्रिक्स समूह में एकजुटता कायम करने का प्रयास किया जा रहा है। समूह के राजनयिक सदस्य देशों के विभिन्न दृष्टिकोणों के बीच आपसी समन्वय जुटाने में लगे हैं।

अमेरिकी नेता मार्को रुबियो के अक्टूबर माह में दौरे की संभावना है। इसके साथ ही अमेरिका में जी20 बैठक के दौरान क्वाड शिखर सम्मेलन आयोजित करने के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर के अनुसार, भारत दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध को खत्म कराने में मदद के लिए रूस तथा यूक्रेन के साथ लगातार बातचीत कर रहा है।

नेपाल में आई बाढ़ के बीच 275 भारतीय नागरिक लापता हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार 166 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर के अनुसार रूस से कच्चा तेल न खरीदने से संघर्ष खत्म नहीं होगा। उन्होंने इस विषय पर अपनी बात रखी।

बीजिंग में डोभाल और वांग के बीच वार्ता के बाद पूर्वोत्तर में कोर कमांडर अपने चीनी समकक्ष से मुलाकात करेंगे।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि रूस से कच्चा तेल न खरीदने से चल रहा युद्ध समाप्त नहीं होगा।