योजनारायपुर

रायपुर में अर्बन चैलेंज फंड पर पहली क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित, नगरीय विकास के लिए दो समझौतों पर हस्ताक्षर

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Ksh85 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिसॉर्ट में अर्बन चैलेंज फंड और अर्बन इन्वेस्ट विंडो पर केंद्रित प्रथम क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जनसंपर्क विभाग और अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। यह कार्यशाला आवास एवं शहरी विकास निगम यानी हुडको और छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य शहरों के नियोजित, समावेशी और वित्तीय रूप से सक्षम विकास की रूपरेखा तैयार करना था।

कार्यक्रम के दौरान राज्य के नगरीय विकास को गति देने, वित्तीय संसाधनों के सुदृढ़ प्रबंधन और निकायों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए दो अलग-अलग समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। अधिकारियों के अनुसार, पहला समझौता ज्ञापन हुडको और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के बीच निष्पादित हुआ। दूसरा अनुबंध नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और सेप्ट विश्वविद्यालय के मध्य हुआ। इन अनुबंधों के जरिए नगरीय निकायों को विकास योजनाओं के प्रारूप निर्माण, वित्तीय पूंजी जुटाने, तकनीकी विशेषज्ञता हासिल करने तथा कर्मियों के प्रशिक्षण में सहायता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि नगर केवल आवास और बुनियादी सुविधाओं के केंद्र नहीं हैं, बल्कि वे रोजगार, व्यापार, नवाचार और आर्थिक गतिविधियों के मुख्य आधार हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शहरी विकास को गति मिली है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प के तहत राज्य सरकार ने भी विकसित छत्तीसगढ़ का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। साय के मुताबिक, इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मिशन मोड में कदम उठाए जा रहे हैं।

साय ने स्थानीय निकायों को निर्देश दिया कि वे अर्बन चैलेंज फंड की व्यवस्था का अधिकतम लाभ उठाएं और ऐसी योजनाएं बनाएं जो नागरिकों के जीवन को सुगम करने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती दें। शासन के अनुसार, वित्तीय संस्थानों और विशेषज्ञ संस्थाओं के सहयोग से शहरों में निवेश का वातावरण बनेगा तथा ढांचागत विकास को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जा सकेगा।

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