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कृषक उन्नति योजना: खरीफ फसलों में बदलाव पर किसानों को प्रति एकड़ पंद्रह हजार रुपये तक अनुदान का प्रावधान

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Kailash Kumbhkar / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ शासन ने खरीफ मौसम 2026 के दौरान फसल चक्र में बदलाव करने वाले किसानों के लिए आदान सहायता राशि के नए दिशा-निर्देश तय किए हैं। कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत धान का रकबा छोड़कर अन्य वैकल्पिक उपज अपनाने वाले काश्तकारों को 15,000 रुपये प्रति एकड़ की दर से आर्थिक सहयोग दिया जाएगा। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ सुनिश्चित करने के लिए पात्र कृषकों को 31 अक्टूबर 2026 तक अपना अनिवार्य पंजीयन कराना होगा।

प्रशासनिक विवरण के मुताबिक, जो किसान पूर्व से ही दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी अथवा कपास जैसी फसलों की खेती कर रहे हैं, उन्हें शासन द्वारा 10,000 रुपये प्रति एकड़ आदान सहायता राशि मुहैया कराई जाएगी। इस वित्तीय सहयोग का मुख्य उद्देश्य किसानों की आमदनी में सुधार लाना तथा परंपरागत धान पर अत्यधिक निर्भरता की जगह फसल विविधीकरण को व्यावहारिक रूप से बढ़ावा देना है। निर्धारित पात्रता रखने वाले सभी पंजीकृत लाभार्थियों को यह पूरी सहायता राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।

योजना के मैदानी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के दिशा-निर्देशों के तहत कृषि विभाग ने संबंधित क्षेत्रों में प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों ने क्षेत्रीय उत्पादकों से अपील की है कि वे समय-सीमा समाप्त होने से पहले अपने दस्तावेज़ तैयार रखें। सहायता राशि प्राप्त करने के लिए किसानों को अपने निकटतम प्राथमिक सेवा सहकारी समिति केंद्र में उपस्थित होकर एकीकृत किसान पोर्टल पर अपनी प्रविष्टियां दर्ज करानी होंगी। तय समय-सीमा बीत जाने के बाद पोर्टल पर नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

विभाग के अधिकारियों के अनुसार, फसल विविधीकरण की यह नीति मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने और स्थानीय स्तर पर कृषि लागत के सापेक्ष बेहतर आमदनी जुटाने के लिए लाई गई है। केवल उन्हीं कृषकों के बैंक खातों में धनराशि का अंतरण संभव होगा, जिनका विवरण एकीकृत किसान पोर्टल पर 31 अक्टूबर तक सफलतापूर्वक दर्ज और सत्यापित हो चुका होगा।

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