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कृषक उन्नति योजना: समितियों में पंजीयन में तेजी, फसल विविधीकरण पर शासन का जोर

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: ibc24.in

छत्तीसगढ़ में कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत प्राथमिक सहकारी समितियों में किसानों के पंजीयन का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। जनसंपर्क विभाग के अनुसार, इस योजना के माध्यम से राज्य सरकार फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दे रही है। प्रशासनिक स्तर पर यह दावा किया गया है कि पारंपरिक फसलों के स्थान पर अन्य लाभदायक फसलों को अपनाने से किसानों की आय में बढ़ोतरी संभव हो सकेगी।

उधर कोरबा जिले में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के सुचारू और प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासनिक निर्देश सामने आए हैं। जनसंपर्क विभाग की ओर से दी गई सूचना के मुताबिक, कोरबा कलेक्टर ने इस योजना के मैदानी संचालन को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं, ताकि संबंधित व्यवस्थाओं को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।

राज्य के खैरागढ़ क्षेत्र अंतर्गत साल्हेवारा में जैविक खेती के प्रसार और प्रोत्साहन के उद्देश्य से किसान मेला एवं कृषि कार्यशाला आयोजित की गई। जनसंपर्क विभाग के अनुसार, इस आयोजन में 600 से अधिक किसानों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के दौरान प्राकृतिक तथा जैविक खेती को अपनाने और उसे आगे बढ़ाने पर विशेष चर्चा की गई।

इसके अतिरिक्त दुर्ग जिले की सहकारी सोसायटियों में आगामी कृषि आवश्यकताओं को देखते हुए खाद और बीज का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है। जनसंपर्क विभाग की जानकारी के अनुसार, प्रशासनिक व्यवस्था के तहत किसानों से अपील की गई है कि वे मौसमी परेशानियों और भीड़भाड़ से बचने के लिए समय रहते खाद-बीज का अग्रिम उठाव कर लें।

शासकीय सूचनाओं के आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों में समितियों के माध्यम से किसानों की कृषि संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए अनेक कदम उठाए जा रहे हैं। कृषक उन्नति योजना के पंजीयन से लेकर विभिन्न जिलों में चल रहे ये सभी प्रयास किसानों को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित किए जा रहे हैं।

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