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कोण्डागांव में श्रमिक की बेटी को मिले 20 हजार रुपये, जानिए योजना के नियम व पात्रता की शर्तें

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Mulkh Singh / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव ज़िले में मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत एक पंजीकृत निर्माण श्रमिक की बेटी को 20 हजार रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। प्रशासनिक सूत्रों और जनसंपर्क विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह धनराशि लाभार्थी के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए हस्तांतरित की गई है।

जनसंपर्क विभाग के मुताबिक, कोण्डागांव के सरगीपाल पारा इलाके की निवासी श्रमिक ममता साहू की पुत्री कुमकुम साहू को इस योजना के तहत वित्तीय मदद मिली है। संकल्प सेवा अभियान के दौरान आयोजित ‘सेवा मेरा योगदान’ शिविर में यह प्रक्रिया संपन्न कराई गई। परिवार के श्रम विभाग में विधिवत पंजीयन के चलते हितग्राही इस योजना के दायरे में आई है।

विभागीय जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना का मुख्य उद्देश्य निर्माण कार्य से जुड़े पंजीकृत श्रमिकों की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के प्रावधानों के तहत प्रदान की जाने वाली 20 हजार रुपये की इस एकमुश्त राशि का उपयोग लाभार्थी युवतियाँ अपनी आगे की पढ़ाई, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार, स्वरोजगार की शुरुआत या विवाह से जुड़े कार्यों के लिए कर सकती हैं। हितग्राही ने आर्थिक संबल के लिए शासन के प्रति आभार प्रकट किया है।

योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार, इस आर्थिक सहायता के लिए श्रमिक का छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में कम से कम तीन वर्ष पूर्व का वैध पंजीयन होना अनिवार्य है। यह योजना पंजीकृत निर्माण श्रमिक परिवार की प्रथम दो अविवाहित बेटियों को ही लाभान्वित करती है।

पात्रता की अन्य शर्तों के तहत संबंधित युवती की आयु 18 से 21 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। इसके अलावा अभ्यर्थी का न्यूनतम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण होना भी अनिवार्य किया गया है। निर्धारित मापदंड पूरे करने वाले पंजीकृत निर्माण श्रमिक अपनी पात्र बेटियों के लिए विभागीय व्यवस्था के तहत आवेदन कर सकते हैं।

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