मौसमकोरबा

हसदेव बांगो बांध के खुले 5 गेट, कोरबा के 35 गांवों में अलर्ट जारी

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Mananjpatel1996 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

कोरबा स्थित मिनीमाता हसदेव बांगो जलाशय में जलभराव 92.48 प्रतिशत दर्ज होने के बाद बांध के 5 गेट खोलकर हसदेव नदी में 3005 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जलाशय के जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। बांध से पानी की निकासी शुरू होते ही जिला प्रशासन ने नदी के बहाव क्षेत्र में आने वाले 35 गांवों में बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया है।

मिनीमाता हसदेव बांगो बांध संभाग क्रमांक-3 माचाडोली के कार्यपालन अभियंता एसके भारती के अनुसार जलाशय में पानी की आवक लगातार बनी हुई है। रात 7.45 बजे तक जलाशय में जलभराव 92.48 प्रतिशत दर्ज किया गया, जिसके बाद जलस्तर नियंत्रित करने के लिए गेट खोले गए। जल संसाधन विभाग के अनुसार बांगो बांध से पानी छोड़े जाने के कारण आगे स्थित दर्री बैराज से भी पानी की निकासी की जा सकती है।

प्रशासन ने नदी के किनारे बसे गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने को कहा है। प्रभावित क्षेत्रों में बांगो, चर्रा, पोड़ी-उपरोड़ा, कोनकोना, लेपरा, टुनियाकछार, पाथा, गाड़ाघाट, छिनमेर, कछार, कलमीपारा, सिलीयारीपारा, जूनापारा, तिलाईडाड, डुगुपारा, टुंगुमांड़ा, छिर्रापारा, मछलीबाटा, कोरियाघाट, धनगांव, डोंगाघाट, नरमदा, औराकछार, सोनगुड़ा, जेलगांव, झाबू, नवागांव, तिलसाभाटा, लोतलोता, स्याहीमुड़ी, कोडा, हथमार, झोरा और सिरकीकला शामिल हैं।

नदी के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को ऊंचे व सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश मिले हैं। लोगों से जलस्रोतों के पास न जाने, बच्चों को दूर रखने और पशुओं को सुरक्षित बाड़ों में ले जाने को कहा गया है। राजस्व विभाग, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमों को निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। औद्योगिक इकाइयों और खनन ठेकेदारों को अपनी चल-अचल परिसंपत्तियां संभावित जलमग्न क्षेत्रों से हटाने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर छत्तीसगढ़ में मानसूनी तंत्र सक्रिय है। पिछले 24 घंटों में कोटाडोल में 130 मिमी, शंकरगढ़ व पोड़ी उपरोड़ा में 110-110 मिमी और कुसमी में 180 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना को देखते हुए बांध प्रबंधन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।

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