चक्रधर समारोह में बस्तर के कलाकारों ने दी लोक नृत्यों की प्रस्तुति, वित्त मंत्री ने 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी

रायगढ़ ज़िले में आयोजित दस दिवसीय चक्रधर समारोह के चौथे दिन बस्तर अंचल के कलाकारों ने पारंपरिक नृत्यों और लोकगीतों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राज्य के वित्त मंत्री एवं स्थानीय विधायक ओपी चौधरी ने कलाकारों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने मंच से ही सांस्कृतिक दल के लिए 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने प्रतिनिधि कलाकारों को शाल, श्रीफल और स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।
समारोह के मंच पर बस्तर एकेडमी ऑफ डांस आर्ट एंड लिटरेचर (बादल) संस्था आसना के दल ने अपने कार्यक्रम की शुरुआत की। कलाकारों ने पारंपरिक वैवाहिक लोक वाद्यों की धुनों के साथ लेजा गीत, झाली आना और परब गीत प्रस्तुत किए। इसके बाद धुरवा जनजाति का प्रसिद्ध मंडई नाचा और माड़िया समुदाय से जुड़ा गौर सिंग नृत्य पेश किया गया, जिसे पंडाल में उपस्थित दर्शकों ने सराहा।
सांस्कृतिक दल में शामिल तेजेंद्र कुमार कश्यप ने मंडई नाचा का नेतृत्व किया, जबकि गणेश मंडावी ने अपने साथी कलाकारों के साथ गौर सिंग नृत्य का प्रदर्शन किया। इस दल में भरत गंगादित्य, विशाल सिंह ठाकुर, विनीता पांडे, दिनेश साहू, सिद्धार्थ वैष्णव, कालीदास, रामदास और हेमलता करंगा सहित अन्य नर्तक शामिल थे।
समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि चक्रधर समारोह अब राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रतिष्ठित सांस्कृतिक मंच बन चुका है। ऐसे महत्वपूर्ण आयोजन में बस्तर के कलाकारों द्वारा अपनी मूल लोक संस्कृति और कला का प्रदर्शन करना अत्यंत गौरवपूर्ण है। इस दौरान उन्होंने दंतेवाड़ा ज़िले के कलेक्टर के रूप में अपने पूर्व प्रशासनिक कार्यकाल के अनुभवों को भी याद किया। वहीं, बस्तर से आए कलाकारों ने कहा कि वे अपनी अंचल की समृद्ध लोक परंपराओं को देश और दुनिया के बड़े मंचों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।