चक्रवात ‘अर्नब’ की बारिश से धान की फसलें प्रभावित, बिलासपुर में नुकसान के आकलन हेतु सर्वे के निर्देश

चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के चलते पिछले तीन दिनों से जारी वर्षा ने खेतों में पककर तैयार धान और सब्जियों को नुकसान पहुँचाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश मिलने के बाद बिलासपुर जिला प्रशासन ने प्रभावित फसलों का सर्वे कराकर सहायता देने की तैयारी शुरू कर दी है। कटाई की तैयारी कर रहे किसानों के सामने खड़ी फसल के भीगने और उपज की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका खड़ी हो गई है।
बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अधिकारियों की आकस्मिक बैठक लेकर फसल क्षति का वास्तविक ब्योरा युद्ध स्तर पर जुटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि विभाग और फसल बीमा कंपनी के अधिकारियों को वास्तविक नुकसान का आकलन करने को कहा है। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट किया गया कि सर्वेक्षण दलों की तादाद बढ़ाई जाए ताकि पिछले दो दिनों की वर्षा और तूफान से धान सहित अन्य फसलों को हुए नुकसान की स्थिति दर्ज हो सके और पात्र कृषकों को नियमानुसार फसल बीमा व मुआवजे का लाभ दिलाया जा सके।
प्रशासनिक विवरण के अनुसार जिले के लगभग सैंतालीस हजार कृषकों ने अपनी फसलों का बीमा कराया हुआ है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों ने बीमा नहीं कराया था, उन्हें भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा। ऐसे गैर-बीमित प्रभावित किसानों के लिए राजस्व विभाग को राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के तहत पात्रतानुसार सहायता प्रकरण तैयार करने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि जिले में खरीफ 2026 के दौरान धान का कुल रकबा पिछले वर्ष की तुलना में 2,961 हेक्टेयर कम दर्ज हुआ था।
स्थानीय स्तर पर बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने बताया कि किसानों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। वहीं स्थानीय कृषक दिनेश कुमार और घनश्याम कौशिक ने बताया कि कर्ज लेकर लगाई गई धान व सब्जियों की फसलें वर्षा और तूफान से प्रभावित हुई हैं। किसानों ने शासन से मांग की है कि वास्तविक क्षति का आकलन कर शीघ्र राहत राशि प्रदान की जाए।