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छत्तीसगढ़: कवर्धा, मुंगेली और बलौदाबाज़ार में 40 से 50 हॉर्सपावर के पुराने ट्रैक्टरों की सूची जारी

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Ms Sarah Welch / Wikimedia Commons (CC0)

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में मध्यम क्षमता वाले पुराने कृषि वाहनों का बाज़ार सक्रिय बना हुआ है। कृषि उपकरण मंच ट्रैक्टर जंक्शन के आंकड़ों के अनुसार, राज्य के कवर्धा, बलौदाबाज़ार, मुंगेली और कबीरधाम ज़िले के पंडरिया स्थित विक्रय केंद्रों पर 40 से 50 हॉर्सपावर क्षमता वर्ग के इस्तेमाल किए जा चुके ट्रैक्टर बिक्री के लिए सूचीबद्ध किए गए हैं। इस शक्ति वर्ग के वाहनों का उपयोग आमतौर पर जुताई, बुवाई, कल्टीवेटर, रोटावेटर संचालन, ट्रॉली ढुलाई, थ्रेशर चलाने और पानी के टैंकर खींचने जैसे कार्यों में किया जाता है।

विक्रेता मंच की सूची के तहत कवर्धा केंद्र पर वर्ष 2023 निर्माण का महिंद्रा 415 डीआई एसपी प्लस और इसी वर्ष का महिंद्रा 415 डीआई चार लाख पैंतालीस हज़ार रुपये में दर्ज हैं। इसके अलावा वर्ष 2015 का न्यू हॉलैंड एक्सेल 4510 मॉडल दो लाख पचपन हज़ार रुपये में रखा गया है। सोनालीका 42 डीआई सिकंदर के 2023 और 2024 मॉडल क्रमशः चार लाख पचपन हज़ार तथा चार लाख साठ हज़ार रुपये की कीमत पर सूचीबद्ध हैं।

बलौदाबाज़ार केंद्र में विभिन्न कंपनियों के विकल्प दर्शाए गए हैं। यहाँ वर्ष 2023 का महिंद्रा 415 डीआई चार लाख पैंतालीस हज़ार रुपये में उपलब्ध है। मैसी फर्ग्यूसन 241 डीआई के वर्ष 2021 और 2024 मॉडल क्रमशः तीन लाख सत्तर हज़ार और चार लाख चालीस हज़ार रुपये में रखे गए हैं। वर्ष 2024 का सोनालीका डीआई 35 चार लाख चालीस हज़ार रुपये तथा वर्ष 2022 का महिंद्रा अर्जुन 555 डीआई छह लाख तीस हज़ार रुपये पर दर्ज किया गया है।

मुंगेली आउटलेट में फार्मट्रैक चैंपियन 39 वर्ष 2024 मॉडल चार लाख दस हज़ार और फार्मट्रैक चैंपियन 42 चार लाख पचास हज़ार रुपये में शामिल है। इसी केंद्र पर 2024 निर्माण के सोनालीका 42 डीआई सिकंदर और महिंद्रा 415 डीआई दोनों चार लाख साठ हज़ार रुपये में सूचीबद्ध हैं, जबकि 2023 का महिंद्रा 415 डीआई चार लाख चालीस हज़ार रुपये में दर्शाया गया है।

कबीरधाम ज़िले के पंडरिया केंद्र पर वर्ष 2023 का सोनालीका डीआई 35 मॉडल तीन लाख पचासी हज़ार रुपये की दर पर उपलब्ध कराया गया है। साथ ही यहाँ स्वराज 744 एफई मॉडल भी बिक्री सूची में शामिल है। विक्रेता मंच का कहना है कि प्रत्येक वाहन की गुणवत्ता और तकनीकी स्थिति की जांच करने के बाद ही कीमतें तय की गई हैं।

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