छत्तीसगढ़ की 'श्री रामलला दर्शन योजना': प्रतिवर्ष 20,000 श्रद्धालुओं को निःशुल्क अयोध्या यात्रा

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के निवासियों को अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के निःशुल्क दर्शन कराने हेतु 'श्री रामलला दर्शन योजना' आरंभ की है। शासन के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 11 जनवरी 2024 को हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को स्वीकृति दी गई। योजना का शुभारंभ 22 जनवरी 2024 को हुआ — उसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या धाम में श्रीराम मंदिर का लोकार्पण किया।
अधिकारियों के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष लगभग 20,000 श्रद्धालुओं को अयोध्या भेजा जाएगा और यात्रा का समस्त व्यय — भोजन, आवास एवं आवागमन सहित — राज्य सरकार वहन करेगी। लाभार्थियों को कोई राशि नहीं चुकानी होगी। योजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड द्वारा किया जाएगा तथा बजट राज्य के पर्यटन विभाग द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।
शासन के अनुसार, 18 से 75 वर्ष की आयु के छत्तीसगढ़ के मूल निवासी इस योजना के पात्र हैं, परंतु जिला चिकित्सा बोर्ड द्वारा आयोजित स्वास्थ्य परीक्षण में शारीरिक रूप से उपयुक्त पाया जाना अनिवार्य है। पहले चरण में 55 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालुओं को प्राथमिकता दी जाएगी। दिव्यांग लाभार्थी अपने एक परिजन को साथ ले जाने के लिए अधिकृत होंगे।
यात्रा की दूरी लगभग 900 किलोमीटर है। परिवहन व्यवस्था के लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड एवं भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के मध्य एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, आईआरसीटीसी यात्रा के दौरान सुरक्षा, स्वास्थ्य, भोजन, स्थानीय परिवहन एवं मार्गदर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। लाभार्थियों को उनके निवास से निर्धारित रेलवे स्टेशन तक एवं वापसी में स्टेशन से घर पहुँचाने का उत्तरदायित्व संबंधित जिले के कलेक्टर पर होगा।
शासन के अनुसार, प्रत्येक जिले में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में 'श्री रामलला दर्शन समिति' गठित की जाएगी जो योजना के स्थानीय क्रियान्वयन की देखरेख करेगी। आवेदन निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से किया जा सकता है। जानकारी के लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग का हेल्पलाइन नंबर 771-4224600 तथा टोल फ्री नंबर 1800-102-6415 जारी किया गया है। बाद में सरकार ने इस योजना के दायरे में गंगा आरती एवं काशी विश्वनाथ दर्शन को भी सम्मिलित किया है।