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छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने अतिथि व्याख्याता संशोधित नीति-2026 और अग्निवीर भर्ती नियमों को दी स्वीकृति

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Mananjpatel1996 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने शासकीय महाविद्यालयों के लिए संशोधित अतिथि व्याख्याता नीति-2026 को कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई बैठक में उच्च शिक्षा और भर्ती नियमों से संबंधित कई प्रशासनिक प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अतिथि व्याख्याता चयन प्रक्रिया की मेरिट सूची में समान अंक होने पर छत्तीसगढ़ के मूल निवासी को प्राथमिकता दी जाएगी। नए प्रावधानों के तहत अनुभव के लिए तय अधिकतम 30 अंकों में राजकीय विश्वविद्यालय के अध्यापन अनुभव को भी स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है। इसके अंतर्गत किसी शैक्षणिक सत्र में कम से कम 5 माह तक अध्यापन करने पर 5 अंक दिए जाएंगे।

शासकीय महाविद्यालयों और राजकीय विश्वविद्यालयों से हटाए गए अथवा विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं को रिक्त पदों पर उनके पूर्व अनुभव के आधार पर पुनः नियुक्ति का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही मानदेय भुगतान की व्यवस्था में संशोधन करते हुए कालखंड के स्थान पर वास्तविक कार्य-दिवसों के आधार पर भुगतान तय किया गया है। कार्य-अवधि और आकस्मिक अवकाश के नियम भी निर्धारित किए गए हैं।

बैठक में सिविल सेवाओं के तृतीय श्रेणी पदों पर 10 प्रतिशत आरक्षण प्रभावी करने हेतु छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम-2026 को भी मंज़ूरी दी गई। यह व्यवस्था पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक और जेल विभाग में जेल प्रहरी की भर्तियों में लागू होगी। इन नियमों में भर्ती के मापदंड, आरक्षण, चयन प्रक्रिया, नियुक्ति और सेवा शर्तों का निर्धारण किया गया है।

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