छत्तीसगढ़: धान संग्रहण केंद्रों में भौतिक सत्यापन के दौरान भारी कमी उजागर, प्राथमिकी और निलंबन की कार्रवाई

छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न धान संग्रहण और उपार्जन केंद्रों में प्रशासनिक जांच के दौरान दर्ज रिकॉर्ड की तुलना में वास्तविक भंडारण में व्यापक अंतर दर्ज किया गया है। बेमेतरा जिले के अंतर्गत आने वाले सरदा-लेंजवारा धान संग्रहण केंद्र में भौतिक सत्यापन किए जाने पर करीब 53,639 क्विंटल धान गायब पाया गया। इस गायब अनाज की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 17 करोड़ रुपये आंकी गई है। मामले में गंभीर लापरवाही सामने आने पर प्रशासन ने केंद्र प्रभारी नीतीश पाठक को दायित्व से हटाते हुए जांच रिपोर्ट जिला कलेक्टर को प्रेषित की है।
खाद्य विभाग, सहकारिता और मंडी विभाग की संयुक्त टीम के निरीक्षण में पता चला कि केंद्र के दस्तावेजों में 65,287 क्विंटल धान दर्ज था, जबकि मौके पर मात्र 11,648 क्विंटल अनाज ही मौजूद मिला। जिला खाद्य अधिकारी ओंकार सिंह ठाकुर के अनुसार अभिलेख और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर पाए जाने के बाद विस्तृत जांच की जा रही है। इस बीच बेमेतरा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने इस कमी को लेकर शासन-प्रशासन पर आरोप लगाते हुए संपूर्ण मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई है।
उधर कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड में स्थित कुकदुर धान उपार्जन केंद्र में भी जांच दल को 628 क्विंटल अनाज कम मिला। जिला खाद्य अधिकारी सचिन मरकाम के मुताबिक इस कमी की अनुमानित कीमत 15 लाख 292 रुपये है। जांच में अनियमितता प्रमाणित होने के उपरांत उपार्जन केंद्र प्रभारी अमित बाजपेयी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। घटना के बाद कबीरधाम कलेक्टर गोपाल वर्मा ने समिति प्रबंधकों, कंप्यूटर ऑपरेटरों और नोडल अधिकारियों की आपात बैठक बुलाकर खरीदी व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता बरतने और अवैध रिसाइकलिंग पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए।
इसके अतिरिक्त कबीरधाम जिले के बाजार चारभाठा और बघर्रा संग्रहण केंद्रों में वर्ष 2024-25 के दौरान खरीदे गए कुल 7 लाख 99 हजार क्विंटल धान के उठाव मिलान में 26 हजार क्विंटल की कमी दर्ज की गई थी। इसमें से अकेले बाजार चारभाठा केंद्र से 22 हजार क्विंटल धान गायब मिला था, जिसके बाद संबंधित प्रभारी के विरुद्ध उच्च स्तरीय शिकायत की गई थी। प्रशासन ने सभी उपार्जन केंद्रों को नियमित निगरानी बनाए रखने और गड़बड़ी पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी है।