छत्तीसगढ़: बायोमेट्रिक मिलान न होने पर भी मिलता रहेगा राशन, खाद्य विभाग ने स्पष्ट किए नियम

छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण में आने वाली तकनीकी परेशानी अब रुकावट नहीं बनेगी। खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी पात्र व्यक्ति की उंगलियों के निशान ई-पॉस मशीन में स्वीकार नहीं होते हैं, तब भी उसे खाद्यान्न देने से वंचित नहीं किया जाएगा। जनसंपर्क विभाग और खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ऐसे हितग्राहियों के लिए नियमों के तहत नामांकित व्यक्ति अथवा ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण का वैकल्पिक प्रबंध पहले से लागू है।
प्रशासन ने उन दावों को भ्रामक और अधूरा बताया है जिनमें तकनीकी बाधाओं के चलते खाद्यान्न वितरण बंद होने की बात कही गई थी। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल फिंगरप्रिंट का मिलान न होने के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है कि संबंधित उपभोक्ता को राशन नहीं मिल सकता। बेमेतरा के खाद्य अधिकारी ओंकार ठाकुर के अनुसार, ज़िले की 461 राशन दुकानों में सभी पात्र उपभोक्ताओं को निर्धारित नियमों के तहत खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है।
विभागीय दिशा-निर्देशों के मुताबिक, यह वैकल्पिक प्रावधान विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और शारीरिक कारणों से बायोमेट्रिक सत्यापन कराने में कठिनाई झेलने वाले हितग्राहियों के लिए बनाया गया है। यदि किसी कार्डधारक के फिंगरप्रिंट दर्ज नहीं हो पाते, तो वह अपने परिवार के किसी अन्य सदस्य को नामांकित व्यक्ति नियुक्त कर सकता है। इसके अलावा, हितग्राही के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त वन टाइम पासवर्ड के माध्यम से भी प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
रायपुर ज़िले के खाद्य नियंत्रक और विभागीय अधिकारियों ने कहा कि शासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी वास्तविक और पात्र हितग्राही खाद्यान्न से न छूटे। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इन वैकल्पिक नियमों की सही जानकारी रखें और किसी भी प्रकार के भ्रम में न आएं। यदि मुख्य कार्डधारक उचित मूल्य दुकान तक जाने में असमर्थ है, तो वह अधिकृत विकल्पों का उपयोग कर सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ ले सकता है।