छत्तीसगढ़ में कृषि सब्सिडी योजनाएँ और हसदेव अरण्य के तारा कोयला ब्लॉक पर सीएमडीसी का रुख

छत्तीसगढ़ में किसानों के हित में कृषि सब्सिडी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। वर्ष 2026 के संदर्भ में इन योजनाओं के माध्यम से काश्तकारों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था रखी गई है। राज्य के कृषि विकास से जुड़ी इस व्यवस्था के तहत निर्धारित औपचारिकताओं के आधार पर लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
दूसरी तरफ, राज्य के हसदेव अरण्य क्षेत्र में स्थित तारा कोयला ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया को लेकर विवाद सामने आया है। इस ब्लॉक के आवंटन और उससे जुड़े घटनाक्रम पर विभिन्न पक्षों की ओर से सवाल उठाए जाने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। इस विषय पर छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन यानी सीएमडीसी ने अपनी सफाई पेश की है।
सीएमडीसी की ओर से स्थिति स्पष्ट करते हुए इस विवाद पर अपना आधिकारिक पक्ष रखा गया है। निगम ने तारा कोयला खदान की नीलामी प्रक्रिया को लेकर सामने आई बातों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और मामले में स्पष्टीकरण जारी किया है। इस विवाद के सामने आने के बाद आर्थिक और प्रशासनिक हल्कों में हलचल देखी जा रही है।
राज्य में एक ओर जहाँ किसानों के सहयोग के लिए कृषि क्षेत्र की सब्सिडी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर हसदेव अरण्य के तारा कोयला ब्लॉक की नीलामी पर उपजे विवाद के बीच सीएमडीसी के रुख पर सभी की नजर बनी हुई है। प्रशासन और संबंधित उपक्रम इस पूरे प्रकरण में आवश्यक कदम उठा रहे हैं।