छत्तीसगढ़ में खरीफ तैयारियों के बीच पांच ट्रैक्टर मॉडलों की मांग

छत्तीसगढ़ में खेती-किसानी के बदलते तौर-तरीकों के बीच कृषक ऐसे कृषि उपकरणों को प्राथमिकता दे रहे हैं जो कम ईंधन खर्च में अधिक उत्पादकता प्रदान करते हैं। खरीफ सत्र की तैयारियों के दौरान जुताई, बुआई, सिंचाई, रोटावेटर संचालन और ढुलाई के लिए प्रमुख कंपनियों के चुनिंदा ट्रैक्टर मॉडलों का उपयोग बढ़ा है। ट्रैक्टर जंक्शन की एक रिपोर्ट के अनुसार महिंद्रा, जॉन डियर और स्वराज के 42 से 55 हॉर्सपावर क्षमता वाले पांच मॉडल राज्य के काश्तकारों की प्राथमिक पसंद के रूप में उभरे हैं।
दलदली और गीले खेतों में काम करने के लिए जॉन डियर 5050 डी फोर व्हील ड्राइव मॉडल का इस्तेमाल हो रहा है। यह 50 हॉर्सपावर का ट्रैक्टर बेहतर खिंचाव और लिफ्टिंग क्षमता के लिए जाना जाता है। किसान इसका उपयोग रोटावेटर, कल्टीवेटर तथा एमबी प्लाऊ जैसे भारी संयंत्रों को चलाने के लिए कर रहे हैं। वहीं बड़े कृषि जोत और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रबंधन के लिए 55 हॉर्सपावर श्रेणी के जॉन डियर 5310 फोर व्हील ड्राइव मॉडल का चयन किया जा रहा है।
किफायती संचालन और कम रखरखाव व्यय की वजह से महिंद्रा 475 डीआई मॉडल छोटे तथा मध्यम किसानों के बीच निरंतर उपयोगी बना हुआ है। 42 हॉर्सपावर और 2731 सीसी क्षमता वाला यह ट्रैक्टर बुआई, जुताई और ट्रॉली खींचने जैसे नियमित कार्यों में उपयोग में लाया जा रहा है। इसके साथ ही कृषि कार्यों के साथ भारी ढुलाई की जरूरत पूरी करने के लिए 45 हॉर्सपावर व 2979 सीसी इंजन वाला महिंद्रा 575 डीआई मॉडल अपनी भार वहन क्षमता के चलते चलन में है।
गहरी जुताई और भारी संयंत्रों के संचालन के लिए 49.3 हॉर्सपावर और 3478 सीसी क्षमता का स्वराज 855 एफई मॉडल भी व्यापक रूप से काम में लिया जा रहा है। इसका इंजन अधिक टॉर्क उत्पन्न करता है, जिससे कठिन परिस्थितियों में भी काम करना सुगम होता है। रिपोर्ट के अनुसार मजबूत बनावट, संतुलित माइलेज और सरल रखरखाव के कारण कृषक इन विशिष्ट मॉडलों को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल कर रहे हैं।