मंडी भाव

छत्तीसगढ़ में गन्ने की खरीद दर में 70 रुपये का इजाफा, किसानों को मिलेंगे 425 रुपये प्रति क्विंटल

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Jacob / Wikimedia Commons (CC BY-SA 3.0)

छत्तीसगढ़ में गन्ना उत्पादकों को राहत देते हुए फसल के खरीद मूल्य में 70 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। इस संशोधन के बाद राज्य में गन्ने की नई खरीद दर 425 रुपये प्रति क्विंटल तय हो गई है।

कृषि उपज की यह नई दर ऐसे समय में सामने आई है जब राष्ट्रीय स्तर पर चीनी के दाम ऊंचे स्तरों पर बने हुए हैं। उत्तर प्रदेश में एम-ग्रेड चीनी का मिल गेट भाव 5,400 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया, जिस पर पांच प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर अलग से देय है। वहीं दिल्ली के थोक कारोबार में चीनी का भाव 5,800 रुपये प्रति क्विंटल तक जा पहुंचा। मुजफ्फरनगर में यह दर 5,754 रुपये और दिल्ली के हाजिर बाजार में 5,775 रुपये प्रति क्विंटल आंकी गई। कुछ खुदरा मंडियों में चीनी 58 से 60 रुपये प्रति किलो के स्तर पर बिक रही है, जबकि सरकारी मूल्य निगरानी प्रभाग के अनुसार दैनिक औसत खुदरा भाव 51.68 रुपये प्रति किलो रहा।

बाजार के जानकारों के अनुसार पेराई में कमी, चीनी के सीमित भंडार और एथेनॉल निर्माण में कच्चे माल के उपयोग से आपूर्ति प्रभावित हुई है। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में ही मिलों का चीनी भंडार पिछले सत्र के 35.50 लाख क्विंटल से घटकर 20.62 लाख क्विंटल रह गया। बिजनौर की मिलों में गन्ने की पेराई करीब 1.30 करोड़ क्विंटल कम दर्ज की गई, क्योंकि कोल्हू और क्रशरों की ओर गन्ने की आवक अधिक रही।

कीमतों पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने प्रत्येक कारोबारी के लिए 4,000 क्विंटल की स्टॉक सीमा तय की थी। इसके बावजूद बाजार में आपूर्ति घटने की आशंका से दरों में तेजी बनी रही। केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने मिलों को भेजे आधिकारिक निर्देश में अघोषित स्टॉक रखने और सौदों के बाद आपूर्ति टालने पर कड़ा रुख अपनाया है। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि नियमों के उल्लंघन पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत लागू शुगर कंट्रोल ऑर्डर के प्रावधानों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। चीनी के मजबूत बाजार रुख से मिलों की वित्तीय स्थिति सुधरने और गन्ना उत्पादकों को समय पर भुगतान मिलने की उम्मीद बंधी है।

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