शासन-प्रशासन

छत्तीसगढ़ में 23 अधिकारियों का तबादला, 6 ज़िलों के कलेक्टर बदले और 12 ज़िलों का नेतृत्व महिला आईएएस के पास

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Vinoth offl / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ शासन ने प्रशासनिक तंत्र में फेरबदल करते हुए कुल 23 अधिकारियों की नई पदस्थापना सूची जारी की है। इस सूची में भारतीय प्रशासनिक सेवा के 22 और भारतीय वन सेवा के एक अधिकारी का नाम शामिल है। जारी आदेशों के माध्यम से राज्य के 6 ज़िलों में कलेक्टर बदले गए हैं। इन बदलावों के पश्चात प्रदेश के 33 ज़िलों में से 12 ज़िलों के कलेक्टर पद का कार्यभार महिला आईएएस संभाल रही हैं। सक्ती, कबीरधाम और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी सहित विभिन्न ज़िलों में महिला अधिकारियों को ज़िला प्रशासन की कमान सौंपी गई है।

प्रशासनिक व्यवस्था में शीर्ष स्तर पर भी अहम बदलाव किए गए हैं। वर्ष 1999 बैच के आईएएस अधिकारी सोनमणि बोरा को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव पद की ज़िम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही वे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। इससे पूर्व वे आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव पद का कार्य देख रहे थे। वहीं वर्ष 2005 बैच की आईएएस आर. संगीता को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव पद से हटाकर मंत्रालय में सचिव नियुक्त किया गया है।

ज़िला स्तर के फेरबदल में वर्ष 2012 बैच के आईएएस रणबीर शर्मा को गरियाबंद ज़िले का नया कलेक्टर बनाया गया है। इससे पहले वे समाज कल्याण विभाग के संचालक पद पर कार्यरत थे। गरियाबंद के पूर्व कलेक्टर भगवान सिंह उइके को सामान्य प्रशासन विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है। इसके अतिरिक्त कबीरधाम के कलेक्टर गोपाल वर्मा को स्थानांतरित कर वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में संयुक्त सचिव की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।

पर्यटन और संस्कृति विभाग के प्रशासनिक नेतृत्व में भी बदलाव दर्ज हुआ है। वर्ष 2006 बैच के आईएफएस अधिकारी विवेक आचार्य की सेवाएँ छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक पद से वापस लेते हुए उनके मूल वन विभाग को लौटा दी गई हैं। तीन महीने पहले ही उन्हें संस्कृति विभाग के संचालक पद से हटाकर टूरिज्म बोर्ड की ज़िम्मेदारी दी गई थी। इस नए आदेश के बाद वे तीन माह के भीतर ही संस्कृति और पर्यटन दोनों विभागों के प्रभार से बाहर हो गए हैं।

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