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छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र शुरू: नौ विधेयक सूचीबद्ध, 14 जुलाई को कांग्रेस सरकार के खिलाफ उतरेगी

प्रतीकात्मक तस्वीर

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो चुका है। जगरन की रिपोर्ट के अनुसार इस सत्र में शासन की ओर से नौ संशोधन विधेयक सदन में रखे जाने हैं और पहले दिन से ही हंगामे की स्थिति बन सकती है।

ईटीवी भारत की रिपोर्ट बताती है कि कांग्रेस 14 जुलाई को सरकार के विरुद्ध कोई कदम उठाने की तैयारी में है, हालाँकि उस कार्रवाई का स्वरूप स्रोत में स्पष्ट नहीं किया गया है। नई दुनिया के अनुसार पार्टी बस्तर से सरगुजा तक नकटी विवाद को लेकर राजनीतिक रूप से सक्रिय है और इस मुद्दे पर जनता के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है।

सत्र के समानांतर जल जीवन मिशन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। नई दुनिया की रिपोर्ट के अनुसार इस मिशन के तहत 4,710 करोड़ रुपये की उपलब्धता के बाद भी प्रदेश के आठ लाख ग्रामीण परिवारों तक पेयजल नहीं पहुँच सका है। आम आदमी पार्टी ने इस चूक पर सरकार से जवाब माँगा है।

नक्सल मोर्चे पर दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार कांकेर की सीमा पर डीआरजी और बीएसएफ की संयुक्त कार्रवाई में नक्सलियों का एक बड़ा डंप मिला, जिसमें हथियारों के साथ लैपटॉप भी बरामद हुए।

मानसून की स्थिति भी राहत देने वाली नहीं है। नई दुनिया के अनुसार इस सीजन में अब तक सामान्य से 21 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है, हालाँकि आने वाले पाँच दिनों में बारिश की संभावना से कमी की भरपाई की उम्मीद जताई जा रही है।

रायपुर में प्रशासनिक स्तर पर भी बदलाव हो रहे हैं। नई दुनिया के अनुसार गीले-सूखे कचरे के अलावा अब सेनेटरी और स्पेशल कचरे को भी अलग करना अनिवार्य किया जाने वाला है। इसके साथ ही राज्य में 122 अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले हुए हैं, जिनमें इंजीनियर, राजस्व निरीक्षक और बाबू सम्मिलित हैं।

नौ विधेयकों की सूची, विपक्ष की 14 जुलाई की तैयारी, जल जीवन मिशन की आठ लाख परिवारों तक न पहुँच पाने की स्थिति और 21 प्रतिशत कम बारिश — इन सभी कारकों को देखते हुए इस बार विधानसभा की कार्यवाही तीखी रहने के संकेत साफ हैं।