दिल्ली प्रवास पर मुख्यमंत्री साय ने पूर्ववर्ती सरकार पर साधा निशाना, धर्मांतरण रोकने की कही बात

शपथ ग्रहण के उपरांत पहली बार नई दिल्ली पहुंचे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला किया। संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती शासन ने अपने वोट बैंक के विस्तार के उद्देश्य से धर्मांतरण को बढ़ावा दिया था। मुख्यमंत्री के अनुसार पिछली सरकार के समय धर्मांतरण की घटनाएं तेज़ी से बढ़ी थीं और उस दौरान शिकायत करने वाले व्यक्तियों पर ही उलटे कार्रवाई की जाती थी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वर्तमान शासन व्यवस्था में ऐसे मामलों पर पूरी तरह से रोक लगाई जाएगी।
वामपंथी उग्रवाद के संदर्भ में चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2018 में शासन बदलने के बाद नक्सलियों को प्रोत्साहन मिला था और वे अपनी सरकार आने की बात कहते थे। सत्ता परिवर्तन के बाद अब वे हताश होकर कायरतापूर्ण घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि अधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी किए गए हैं, जिसके तहत कदम उठाए जा रहे हैं और हाल ही में नक्सलियों की धरपकड़ भी हुई है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस संकट को समाप्त करना चाहते हैं और अब केंद्र तथा राज्य की सरकारें एकजुट होकर इसके विरुद्ध मजबूती से लड़ेंगी।
राजधानी प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने दोनों उप मुख्यमंत्रियों अरुण साव और विजय शर्मा के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति तथा केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय पूल में 15 लाख मीट्रिक टन उसना चावल स्वीकार किए जाने और राज्य के लिए 2485 करोड़ रुपये की धनराशि जारी करने पर केंद्र का आभार व्यक्त किया। इसके बाद नेताओं ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी भेंट की।
मुख्यमंत्री ने शीर्ष नेतृत्व को राज्य के नीतिगत निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 1 नवंबर 2023 से 3100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी का फैसला लागू किया गया है। इसके अलावा सुशासन दिवस के अवसर पर 13 लाख से अधिक किसानों को दो वर्ष का बकाया धान बोनस 3716 करोड़ 38 लाख रुपये देने का प्रबंध किया गया है। उन्होंने विधानसभा में अनुपूरक बजट पारित होने का भी उल्लेख किया।