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धमतरी के लीलर मार्ग पर तेंदुआ दिखने से अलर्ट, वन विभाग ने ग्रामीणों को दी रात में न निकलने की सलाह

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Harminder Singh Saini / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

धमतरी ज़िले के लीलर गांव के निकट मुख्य मार्ग पर तेंदुआ देखे जाने के बाद वन विभाग ने आसपास के ग्रामीण इलाकों में सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। वहां से गुजर रहे कार सवार राहगीरों ने सड़क पर बैठे तेंदुए का वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसके सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद वन अमला सक्रिय हुआ। वन विभाग के अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों को रात के समय अकेले बाहर न निकलने और बच्चों को खुले में न जाने देने की हिदायत दी है।

धमतरी के डीएफओ श्रीकृष्ण जाधव के अनुसार राहगीरों के बनाए वीडियो में वन्यजीव सड़क पर बैठा दिखा था। अधिकारियों ने बताया कि रुद्री, गंगरेल, अछोटा और भोयना सहित निकटवर्ती वन क्षेत्रों में तेंदुओं की आवाजाही अक्सर दर्ज होती रहती है। स्थानीय लोगों के अनुसार पास के जंगलों में कई तेंदुए मौजूद हैं जो भोजन और पानी की खोज में रिहायशी बस्तियों तथा सड़कों के करीब आ जाते हैं। कार सवार राहगीर के अनुसार तेंदुआ कुछ समय तक सड़क पर बैठने के बाद जंगल की तरफ चला गया था।

प्रदेश के कई हिस्सों में हाल के महीनों के दौरान रिहायशी और आवागमन वाले क्षेत्रों में तेंदुओं की मौजूदगी के मामले सामने आए हैं। 10 सितंबर 2026 को कबीरधाम ज़िला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर ग्राम जैतपुरी में धान के खेत में तेंदुए की उपस्थिति से ग्रामीणों में दहशत फैल गई थी। उस तेंदुए ने बकरियों का शिकार किया था, जिसे बाद में वन विभाग की टीम ने ट्रैंक्यूलाइज़ करके पकड़ा था।

इससे पहले 27 अगस्त 2026 को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर रेल मंडल अंतर्गत बिलासपुर-कटनी रेलमार्ग पर भनवारटंक रेल टर्मिनल क्षेत्र में रेलवे ट्रैक और सुरंग के समीप तेंदुआ देखा गया था। वहीं 1 अगस्त 2026 को गरियाबंद के जोबा स्थित केराबहार में तेंदुए को पकड़ने के बाद चिकित्सीय जांच पूरी कर उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में छोड़ा गया था। इसके अलावा 6 अगस्त 2026 को कांकेर के सरोना वन परिक्षेत्र में शिकार का पीछा करते समय बिना मुंडेर के कुएं में गिरे तेंदुए को वन अमले ने सुरक्षित बाहर निकाला था।

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