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धमतरी के गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के बीच मुरुमसिल्ली में डूबने से दो लोगों की मौत

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Mananjpatel1996 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

धमतरी जिले में स्थित गंगरेल बांध के गेट खोलकर महानदी में पानी छोड़ा जा रहा है। बांध के जलग्रहण क्षेत्र में निरंतर जलप्रवाह बना हुआ है। जल संसाधन विभाग के अनुसार गंगरेल बांध के छह गेट खोलकर 33 हजार क्यूसेक पानी प्रवाहित किया गया, जबकि इससे पूर्व नौ गेट खोलकर 53 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। नदी में भारी आवक के कारण राजिम के त्रिवेणी संगम में उफान आ गया है।

इसी बीच धमतरी जिले के केरेगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत एक दुखद दुर्घटना घटी। गेदारापारा और बागडोंगरी के निवासी देवकरण तथा लोकेश मांडवी, जो रिश्ते में मामा-भांजे थे, मुरुमसिल्ली जलाशय के निकट स्थित गेदारापारा रपटे पर मछली पकड़ रहे थे। इस दौरान पैर फिसलने के कारण एक व्यक्ति तेज धार में बहने लगा। उसे बचाने की कोशिश में दूसरा व्यक्ति भी गहरे बहाव की चपेट में आ गया। गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट एसोसिएशन के गोताखोरों की मदद से चलाए गए तलाशी अभियान के बाद दोनों के शव बरामद किए गए, जिन्हें पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए भेज दिया।

राज्य भर में मानसूनी गतिविधियों के प्रभाव से कई हिस्सों में वर्षा दर्ज की गई है। बस्तर, रायपुर और दुर्ग संभाग के क्षेत्रों में मध्यम से लेकर भारी बारिश का दौर देखा गया है। इसके चलते प्रदेश के 46 प्रमुख एवं मध्यम जलाशयों का कुल औसत जलभराव 91.10 प्रतिशत तक पहुंच गया है। राज्य के सात बांध पूर्ण रूप से भर चुके हैं और 18 अन्य जलाशयों में 90 प्रतिशत से अधिक पानी भर चुका है।

लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते प्रवाह को देखते हुए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने आम नागरिकों से पूरी सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गंगरेल बांध के सात गेट खोलकर पानी छोड़े जाने से महानदी और सहायक जलस्रोतों का स्तर बढ़ सकता है। जिला प्रशासन ने लोगों को तेज बहाव वाले नदी-नालों और रपटों से दूर रहने तथा जलस्तर बढ़ने पर तत्काल सुरक्षित व ऊंचे स्थानों पर जाने के निर्देश दिए हैं।

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