नैनो उर्वरक से छत्तीसगढ़ की कृषि में बदलाव

छत्तीसगढ़ को धान के कटोरे के रूप में जाना जाता है, जहां कृषि से अधिकांश जनसंख्या की आजीविका जुड़ी हुई है। नैनो उर्वरक एक नई तकनीक है, जो किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। ये सूक्ष्म कणों से बने होते हैं, जिन्हें पौधे आसानी से अवशोषित कर लेते हैं। इससे फसलों को समय पर पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे उत्पादन बढ़ता है। नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग धान, मक्का, चना, अरहर और सब्जी फसलों में लाभकारी रहा है।