सारंगढ़-बिलाईगढ़: श्रमिक परिवार की बेटी को मिली 3,000 रुपये की नौनिहाल छात्रवृत्ति

सारंगढ़-बिलाईगढ़ ज़िले के अंतर्गत आने वाले बिलाईगढ़ विकासखंड के झुमका गाँव में एक पंजीकृत श्रमिक परिवार की बेटी को शिक्षा जारी रखने के लिए नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना से 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे प्रदान की गई है। विभागीय विवरण के अनुसार इस वित्तीय संबल से छात्रा के लिए अध्ययन सामग्री की व्यवस्था करना संभव हो सका है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक झुमका निवासी फुलेश्वरी साहू सीमित आमदनी के बीच अपनी संतान को बेहतर तालीम दिलाने का प्रयास कर रही थीं। आर्थिक तंगी के चलते कापियों, किताबों और पठन-पाठन से जुड़ी दूसरी आवश्यकताओं को जुटाना परिवार के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ था। इसी बीच छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत पात्रता के आधार पर फुलेश्वरी साहू की बेटी के लिए 3,000 रुपये की यह राशि स्वीकृत कर सीधे उपलब्ध कराई गई। इस आर्थिक मदद का उपयोग छात्रा की किताबों और पढ़ाई के जरूरी सामान खरीदने में किया गया।
विभागीय ब्योरे के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व तथा श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के मार्गदर्शन में यह योजना पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा को निर्बाध जारी रखने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। लाभार्थी छात्रा की माँ फुलेश्वरी साहू के अनुसार शासन से मिले इस सहयोग से उनके परिवार को बड़ा संबल मिला है और विषम परिस्थितियों के बाद भी बेटी की पढ़ाई नहीं रुकेगी।
शासकीय जानकारी के तहत कलेक्टर के निर्देशन में ज़िला प्रशासन यह व्यवस्था सुनिश्चित कर रहा है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का त्वरित और सीधा लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुँचे। संबंधित महकमों के माध्यम से निर्माण क्षेत्र के पात्र परिवारों को चिन्हित कर छात्रवृत्ति और अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों से जोड़ने की प्रक्रिया निरंतर जारी है।
श्रम विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना में पात्रता के अनुरूप 1,000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक की सहायता राशि देने का प्रावधान है। बिलाईगढ़ के झुमका गाँव का यह मामला दिखाता है कि योजना के माध्यम से श्रमिक परिवारों की अगली पीढ़ी को पढ़ाई में सीधी मदद मिल रही है।