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बस्तर नगर पंचायत में 57.71 करोड़ की पेयजल परियोजना स्वीकृत, जून 2028 तक पूरा करने की समय-सीमा तय

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: patrika.com

बस्तर नगर पंचायत में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए राज्य शहरी विकास अभिकरण ने 57 करोड़ 71 लाख रुपये की नई जलप्रदाय योजना को प्रशासकीय मंजूरी दी है। यह पूरी परियोजना केंद्र सरकार के अमृत मिशन 2.0 के तहत तैयार की जा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस निर्माण कार्य को जून 2028 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। परियोजना के क्रियान्वयन के उपरांत क्षेत्र के 2700 से अधिक परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाने की योजना है।

विभागीय आंकड़ों के हवाले से बताया गया है कि वर्तमान समय में नगर पंचायत क्षेत्र में प्रति व्यक्ति दैनिक जल आपूर्ति का औसत केवल 65 लीटर है। नई परियोजना के पूर्ण होने पर इसे बढ़ाकर 135 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है, जिससे प्रत्येक नागरिक के लिए प्रतिदिन 70 लीटर अतिरिक्त पानी उपलब्ध हो सकेगा। स्वीकृत बजट के भीतर ही अधोसंरचना निर्माण के अलावा अगले पांच वर्षों तक पूरे तंत्र के संचालन एवं संधारण से जुड़े वित्तीय खर्चे भी शामिल किए गए हैं।

योजना के तकनीकी स्वरूप के अनुसार मारकंडी नदी पर बने चपका एनीकट में एक इंटेकवेल निर्मित किया जाएगा। यहाँ से पाइपलाइन बिछाकर कच्चा पानी सीधे जल शोधन संयंत्र तक ले जाया जाएगा। संयंत्र की क्षमता 3 एमएलडी निर्धारित की गई है। इसके साथ ही 500 किलोलीटर क्षमता का एक उच्च स्तरीय जलागार तैयार होगा। जल शुद्धिकरण के पश्चात बस्ती के विभिन्न हिस्सों में बिछाई जाने वाली लगभग 73 किलोमीटर लंबी वितरण पाइपलाइन के जरिए घरों तक नियमित जलापूर्ति की जाएगी।

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि इस योजना से स्थानीय निवासियों को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। वहीं विभागीय प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने निर्माण एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों को तकनीकी गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन करने, नियमित निगरानी रखने और तय समय-सीमा के भीतर कार्य संपन्न करने के निर्देश दिए हैं।

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