बस्तर: 210 माओवादियों ने किया सामूहिक आत्मसमर्पण, 153 आधुनिक हथियार सौंपे
बस्तर संभाग के जगदलपुर में 210 माओवादियों ने सरकार के समक्ष हथियार डालकर आत्मसमर्पण किया। इस दौरान शीर्ष कैडर सहित कुल 153 हथियार पुलिस को सौंपे गए।
बस्तर संभाग के जगदलपुर में 210 माओवादियों ने सरकार के समक्ष हथियार डालकर आत्मसमर्पण किया। इस दौरान शीर्ष कैडर सहित कुल 153 हथियार पुलिस को सौंपे गए।

छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के सत्यापन के दौरान राज्यभर में 1.55 लाख और बस्तर संभाग में 15 हज़ार से अधिक अपात्र नाम हटाए गए हैं। सबसे अधिक नाम रायपुर जिले से निरस्त हुए हैं।

बस्तर में मानसूनी बारिश के बाद धान रोपाई के दौरान महिला किसान पारंपरिक लोकगीतों और कहानियों के जरिए श्रम की थकान कम कर रही हैं और इस सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ा रही हैं।

छत्तीसगढ़ शासन ने बस्तर फाइटर्स में 5800 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर निर्णय लिया है। इसके साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे।

बस्तर के सुदूर और संवेदनशील अंदरूनी रास्तों पर बाइक से आवागमन शुरू हो गया है। इससे स्थानीय मार्गों पर लोगों का आना-जाना सुगम हुआ है और क्षेत्र में संपर्क बढ़ रहा है।

बस्तर में नक्सल मोर्चे पर बलिदान देने वाले 1280 जवानों की डिजिटल प्रोफाइल तैयार की गई है। स्मारकों पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर उनकी शहादत और सेवा की जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।

छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की प्रयोगशाला परिचारक भर्ती परीक्षा रायपुर और जगदलपुर में संपन्न हुई। जगदलपुर के 13 केंद्रों पर 52.78 प्रतिशत परीक्षार्थी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल ने सहकारिता विभाग के तृतीय श्रेणी उप अंकेक्षक (वेतन मेट्रिक्स लेवल-6) के 69 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की अधिसूचना जारी की है। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 24 जुलाई 2026 है और संभावित लिखित परीक्षा 6 सितंबर 2026 को होगी।

बस्तर में सात नक्सलियों के नए समर्पण और डीआरजी के तीन जवानों की शहादत के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'Naxal-free Bastar' लक्ष्य प्राप्त होने की बात कही है; राज्य सरकार ने हीरा खनन के लिए उन्नत ड्रिलिंग को मंज़ूरी दी और महिलाओं को संपत्ति पंजीकरण में 50 प्रतिशत छूट देने की घोषणा की है।

छत्तीसगढ़ की नियद नेल्लानार योजना से बस्तर के 395 गाँव लाभान्वित हुए हैं और 300 से अधिक गाँव सड़क से जुड़े हैं।

राज्य सरकार ने सेवा सेतु केंद्र शुरू किए हैं, जहाँ नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाएं और प्रमाण पत्र एक ही स्थान पर सुलभता से मिलते हैं।

बस्तर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत गांवों में स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन जागरूकता के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

बस्तर के दरभा ब्लॉक के एक सुदूर गाँव में दशकों बाद पक्की सड़क पहुँची। ग्रामीणों ने जश्न मनाया, अब स्कूल-अस्पताल जाना आसान होगा।