बालोद में डिजिटल क्रॉप सर्वे: 15 दिनों में 60 फीसदी रकबे का काम पूरा, 30 सितंबर तक अंतिम समय

बालोद जिले में खरीफ मौसम के दौरान बोई गई फसलों और रकबे का सटीक विवरण तैयार करने के उद्देश्य से डिजिटल क्रॉप सर्वे चलाया जा रहा है। जिले में 15 दिनों के भीतर लगभग 60 प्रतिशत रकबे का सर्वेक्षण और सत्यापन कार्य पूरा कर लिया गया है। राजस्व विभाग के अंतर्गत जिले के पांचों विकासखंडों के गांवों में खसरा नंबर के आधार पर सर्वेक्षक खेतों में पहुंचकर विवरण ऑनलाइन दर्ज कर रहे हैं।
प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक बालोद ब्लॉक में प्रगति सबसे अधिक दर्ज की गई है, जहाँ अब तक 67 प्रतिशत क्षेत्र का सर्वेक्षण निपट चुका है। इस ब्लॉक में सर्वे का काम 17 अगस्त से शुरू किया गया था। शासन स्तर पर समूचे जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे को पूर्ण करने के लिए 30 सितंबर अंतिम तिथि तय की गई है। राजस्व अमले का दावा है कि निर्धारित समयावधि में पूरे जिले का कार्य समाप्त कर लिया जाएगा।
तहसीलदार संध्या नामदेव के अनुसार सर्वेक्षक मौके पर जाकर फसलों की स्थिति और रकबे का रिकॉर्ड संबंधित आईडी पर अपलोड कर रहे हैं। दर्ज आंकड़ों और मौके पर खींची गई तस्वीरों का प्रतिदिन पटवारी स्तर पर मिलान और सत्यापन किया जा रहा है। इसके साथ ही आवश्यकता पड़ने पर एसडीएम, तहसीलदार और पटवारी भी खेतों में पहुंचकर भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
प्रत्येक ग्राम में खसरों की कुल संख्या के हिसाब से सर्वेक्षकों की संख्या तय की गई है। कम खसरों वाले गांवों में सीमित और बड़े गांवों में अधिक कर्मी लगाए गए हैं। शासन के नियमों के तहत प्रत्येक गांव में अधिकतम 20 सर्वेक्षकों का चयन पटवारी की सिफारिश पर तहसीलदार द्वारा किया जा सकता है। इसके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं उत्तीर्ण रखी गई है, जिसमें कृषि स्नातक, विज्ञान स्नातक, विज्ञान विषय से 12वीं उत्तीर्ण, 12वीं और 10वीं पास युवाओं को प्राथमिकता क्रम दिया गया है।
विगत वर्ष आईडी आवंटन में देरी के कारण सर्वे समय पर शुरू नहीं हो सका था। इस बार कर्मियों के चयन, प्रशिक्षण और आईडी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सर्वे शुरू होने से एक माह पूर्व ही पूरी कर ली गई थी, जिससे मैदानी काम समय पर आरंभ हुआ।