बालोद में कांग्रेस ने सरकार से ‘आशीर्वाद का दीया’ के व्यय का ब्योरा मांगा

बालोद ज़िले के राजीव भवन में आयोजित एक संयुक्त पत्रकारवार्ता के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े किए। विपक्षी नेताओं ने शासन के विभिन्न आयोजनों और अभियानों पर होने वाले वित्तीय व्यय को लेकर पारदर्शिता की मांग रखी। कांग्रेस प्रवक्ताओं ने विशेष रूप से ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान पर हुए सरकारी खर्च के पूरे आंकड़े को सार्वजनिक करने का आग्रह किया है।
पार्टी पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी की ओर से मनाए जा रहे सेवा संकल्प दिवस के आयोजन की आलोचना की। विपक्षी दल के अनुसार आम जनजीवन बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक समस्याओं से बुरी तरह प्रभावित है। ऐसे समय में इस प्रकार के राजनीतिक आयोजन वास्तविक जनहित से ध्यान भटकाने का प्रयास हैं। विपक्षी नेताओं ने इस आयोजन को सेवा संकल्प दिवस की जगह बेरोजगारी और वादाखिलाफी दिवस की संज्ञा दी।
राजीव भवन में हुई इस प्रेस वार्ता में नेताओं ने कहा कि शासन स्तर पर दी गई गारंटियों और पूर्व घोषणाओं को पूरा करने में विफलता हाथ लगी है। कांग्रेस प्रतिनिधियों का कहना है कि शासकीय धन और प्रचार तंत्र का इस्तेमाल सिर्फ आयोजनों तक सीमित रखने के बजाय आमजन को राहत देने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि प्रचार से जुड़े अभियानों में लगे सार्वजनिक कोष का सही ब्योरा जनता के समक्ष रखा जाए।
विपक्षी दल ने स्पष्ट किया कि जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और जनोन्मुखी होना चाहिए। नेताओं के अनुसार शासन को आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे युवाओं और नागरिकों की समस्याओं का स्थायी समाधान निकालना चाहिए। कांग्रेस ने कहा कि वह स्थानीय स्तर पर बेरोजगारी, महंगाई और वित्तीय जवाबदेही के मुद्दों को लेकर जनता के बीच संवाद जारी रखेगी।