बिलासपुर में आवास प्लस सूची से 16 हजार से अधिक आवेदन खारिज, 30 सितंबर तक दर्ज होंगी आपत्तियां

बिलासपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत कराए गए आवास प्लस सूची के भौतिक सत्यापन में 16 हजार से अधिक आवेदकों को अपात्र घोषित किया गया है। ब्लॉकवार समीक्षा में सर्वाधिक 5,196 आवेदन अकेले बिल्हा विकासखंड से निरस्त हुए हैं।
प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, सूची से बाहर किए गए परिवारों में 4,571 हितग्राही ऐसे हैं जिन्हें पहले ही शासकीय आवास योजना का लाभ प्राप्त हो चुका था। इसके अलावा 3,886 आवेदकों के पास पक्के मकान मिले और 3,201 परिवारों के निवास स्थल पर पक्की छत और पक्की दीवारें पाई गईं। आर्थिक मानकों की जांच में 2,515 परिवारों की वार्षिक आय दो लाख रुपये से ज्यादा दर्ज की गई। वहीं 1,829 परिवारों में 16 से 59 आयु वर्ग के सक्षम वयस्क सदस्य पाए गए। इसके साथ ही 1,143 आवेदक सरकारी सेवा, चार पहिया वाहन अथवा आयकर सीमा में शामिल होने के कारण स्वतः अपात्र श्रेणी में चले गए।
जून 2026 में आयोजित आवास प्लस 2.0 सर्वे के तहत जिले में लगभग 2.28 लाख लोगों ने अपना पंजीकरण कराया था। सत्यापन उपरांत बड़ी संख्या में नाम हटने के बाद ग्रामीण अब जनपद कार्यालयों में दावे प्रस्तुत कर रहे हैं। बिल्हा ब्लॉक के ग्राम अकलतरी निवासी श्यामा बाई, वेदप्रकाश मौरे तथा अमेरिकापा की भुनेश्वरी बाई का नाम पूर्व में आवास लाभ लेने के कारण सूची से काटा गया है। इसी प्रकार अकलतरी के परमेश्वर प्रसाद धीवर सहित अन्य आवेदकों को पक्की दीवार व पक्की छत पाए जाने पर अपात्र श्रेणी में दर्ज किया गया है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल ने बताया कि गलत प्रविष्टि या तकनीकी त्रुटि के चलते बाहर हुए आवेदकों की सुविधा के लिए जिले भर में पांच अपीलीय समितियां गठित की गई हैं। आवेदक ऑनलाइन पोर्टल पर अपने नाम कटने का ब्योरा देख सकते हैं। असंतुष्ट हितग्राही 17 सितंबर से 30 सितंबर तक अपनी संबंधित जनपद पंचायत में सीधे आपत्ति पेश कर सकते हैं।