बिलासपुर में करैत के डसने से दस वर्षीय बालक की मौत, सिम्स में दो माह के भीतर पहुंचे सर्पदंश के 46 मामले

बिलासपुर ज़िले के तोरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढेका के नयापारा में जहरीले करैत सांप के काटने से दस वर्षीय बालक की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। नयापारा निवासी चंद्रकुमार चंद्राकर का दस वर्षीय पुत्र गौरव सोमवार रात्रि में भोजन करने के उपरांत सोने के लिए अपने बिस्तर पर गया था। उसी समय बिस्तर में पहले से मौजूद विषैले सर्प ने उसे डस लिया। सर्पदंश के पश्चात घबराए बालक ने रोते हुए अपनी मां को पूरे वाकये से अवगत कराया।
परिजन बालक की स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान यानी सिम्स लेकर पहुंचे। अस्पताल के चिकित्सकों ने बालक की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल उपचार प्रारंभ किया, परंतु सघन प्रयासों के बावजूद बालक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद परिजनों में गहरा शोक व्याप्त है।
सिम्स के अस्पताल अधीक्षक डॉ. लखन सिंह के अनुसार बीते दो महीनों की अवधि में अस्पताल में सर्पदंश से पीड़ित कुल 46 मरीज उपचार हेतु पहुंचे हैं। चिकित्सालय प्रबंधन ने बताया कि इनमें से अधिकांश पीड़ितों की जान समय पर अस्पताल पहुंचने तथा त्वरित चिकित्सीय देखभाल मिलने के कारण सुरक्षित बचाई जा सकी।
चिकित्सकों का कहना है कि वर्षा के दिनों में विषैले जीव-जंतु शुष्क तथा सुरक्षित ठिकाने की खोज में मानव बस्तियों और मकानों के भीतर प्रवेश करते हैं। ऐसी स्थिति में नागरिकों को न केवल खेतों अथवा खुले स्थानों पर, अपितु घर के भीतर भी सोने के स्थान की जांच कर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
सिम्स प्रबंधन ने नागरिकों को आगाह किया है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक, घरेलू नुस्खों अथवा घाव पर चीरा लगाने जैसी पद्धतियों में समय कतई नष्ट नहीं करना चाहिए। मरीज को शांत और स्थिर रखते हुए अविलंब नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना सबसे महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही सांप को पकड़ने अथवा मारने के फेर में पड़कर समय बर्बाद करने तथा अतिरिक्त जोखिम उठाने से बचना चाहिए।