बिलासपुर में तीजा मिलन पर मुख्यमंत्री की घोषणा: चोरहादेवरी का नाम होगा रामदेवरी, बेलतरा महोत्सव को 30 लाख

बिलासपुर के बहतराई स्टेडियम में आयोजित तीजा मिलन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिल्हा विकासखंड के ग्राम चोरहादेवरी का नाम परिवर्तित कर ‘रामदेवरी’ करने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने बेलतरा महोत्सव के आयोजन के वास्ते 30 लाख रुपये की धनराशि देने का ऐलान किया। जनसंपर्क विभाग तथा अन्य विवरणों के मुताबिक, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक परिधानों में शामिल हुईं, जहां उनके लिए झूले, मेहंदी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था की गई थी।
मुख्यमंत्री ने भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के इस पर्व पर प्रदेश भर की महिलाओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि तीजा लोकसंस्कृति, पारिवारिक स्नेह और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने वाला पर्व है। इस दौरान उन्होंने राज्य शासन द्वारा महिला कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का ब्योरा साझा किया।
शासकीय जानकारी के अनुसार, महतारी वंदन योजना के जरिए छत्तीसगढ़ की 68 लाख से अधिक महिलाओं को अब तक 31 किश्तों की वित्तीय सहायता राशि सीधे उनके खातों में अंतरित की जा चुकी है। इसके अलावा, स्व-सहायता समूहों के सहयोग से राज्य में 13 लाख 85 हजार से ज्यादा महिलाएं आजीविका के विभिन्न साधनों से जुड़कर लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं।
समारोह में मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि आधुनिक तकनीक से लैस होकर काम कर रहीं ड्रोन दीदियां प्रतिदिन छह से सात हजार रुपये तक अर्जित कर रही हैं। इसके साथ ही महिलाएं सेंटरिंग प्लेट के व्यवसाय, ई-रिक्शा संचालन और अन्य छोटे उद्यमों के माध्यम से आर्थिक स्वावलंबन हासिल कर रही हैं। महिलाओं को औद्योगिक उपक्रमों से जोड़ने के उद्देश्य से शासन द्वारा 50 प्रतिशत तक के अनुदान का प्रावधान भी निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक, वन और खनिज संपदा से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य में मातृशक्ति की भागीदारी सबसे अहम होगी। सरकार का प्रयास है कि विकास की मूलभूत सुविधाएं गांवों और नागरिकों के घरों के निकट उपलब्ध कराई जाएं।