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बेमेतरा में अप्रारंभ और अधूरे ग्रामीण आवासों के निरस्तीकरण पर 7 सितंबर तक दावा-आपत्ति आमंत्रित

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Rajesh Tripathi / Wikimedia Commons (CC BY 3.0)

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वीकृत ऐसे मकानों को निरस्त करने की विभागीय कवायद शुरू हो गई है, जिनका निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है या आधा-अधूरा छूटा हुआ है। जनसंपर्क विभाग और स्थानीय जनपद कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण तथा मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत वर्ष 2016-26 की अवधि में स्वीकृत आवासों के संबंध में यह कदम उठाया जा रहा है। संबंधित ग्राम पंचायतों ने निर्माण कार्य न होने अथवा अधूरा रहने के ठोस कारणों का उल्लेख करते हुए जनपद पंचायत कार्यालय को निरस्तीकरण के औपचारिक प्रस्ताव प्रेषित किए हैं।

अंतिम प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाने से पूर्व प्रशासन ने संबंधित हितग्राहियों को अपनी बात रखने का अवसर प्रदान किया है। यदि किसी हितग्राही को ग्राम पंचायत द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर किसी प्रकार की आपत्ति है अथवा निर्माण कार्य शुरू या पूरा न कर पाने से संबंधित कोई वैध कारण, प्रमाण या दस्तावेज मौजूद हैं, तो वे 7 सितंबर तक अपना पक्ष रख सकते हैं। यह दावा-आपत्ति जनपद पंचायत बेमेतरा के कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से अथवा अपने अधिकृत वैध नामिनी के माध्यम से लिखित रूप में प्रस्तुत की जा सकती है।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित हितग्राहियों की विस्तृत सूची जनपद पंचायत कार्यालय तथा संबंधित सभी ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर चस्पा कर दी गई है। इसके साथ ही सार्वजनिक जानकारी के लिए इस ब्योरे को ज़िले की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया है ताकि हितग्राही सूची का अवलोकन कर सकें।

जनपद पंचायत स्तर पर तय समय-सीमा के भीतर हासिल होने वाले सभी आवेदनों और दस्तावेजों की नियमानुसार सूक्ष्म जांच की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि निर्धारित अंतिम तिथि तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई वैध आपत्ति या अभिलेख प्राप्त नहीं होता है, तो संबंधित ग्राम पंचायतों के मूल प्रस्ताव को अंतिम मानकर आवास निरस्तीकरण की वैधानिक कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।

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