बैंक ऋण में कॉर्पोरेट और व्यक्तिगत ऋण का प्रभुत्व, SBI अनुसंधान रिपोर्ट

SBI अनुसंधान की एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कॉर्पोरेट और व्यक्तिगत ऋण ने बैंक ऋण वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवधि में कॉर्पोरेट ऋण में 1.87 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई, जिसमें चार प्रमुख क्षेत्रों ने लगभग आधा योगदान दिया। रिपोर्ट में बताया गया है कि उद्योग और व्यक्तिगत ऋण ने मिलकर कुल वृद्धि का लगभग 63 प्रतिशत हिस्सा बनाया। प्रमुख क्षेत्रों में पेट्रोलियम, कोयला उत्पाद, बुनियादी ढांचा और रासायनिक उद्योग शामिल हैं।