मंडला में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से लौट रही बस की ट्रैक्टर से टक्कर, बीस घायल

मध्य प्रदेश के मंडला में एक सड़क दुर्घटना में बीस मुसाफ़िर ज़ख़्मी हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने के उपरांत लोग बस से अपने गंतव्य की ओर लौट रहे थे। रास्ते में बस की सीधी भिड़ंत एक ट्रैक्टर से हो गई। टक्कर के बाद घटनास्थल पर अफ़रातफ़री मच गई और स्थानीय स्तर पर राहत कार्य शुरू कर घायलों को संभाला गया।
प्राप्त सूचना के अनुसार इस भिड़ंत में बस सवार बीस लोगों को चोटें आई हैं। घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित अमला मौके पर पहुँचा और घायलों को आवश्यक चिकित्सीय सुविधा मुहैया कराने की व्यवस्था की गई। वाहनों की इस टक्कर के कारणों की पड़ताल की जा रही है।
इधर मध्य प्रदेश के आगर-मालवा में राजस्व विभाग से जुड़े पटवारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित होकर धरना दिया। पटवारी संवर्ग ने स्वामित्व योजना के तहत अपनाई जा रही प्रक्रिया पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अभिलेखों में भूस्वामी का नाम दर्ज होने के बावजूद दोबारा रजिस्ट्री कराने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने इस बात पर भी गहरी आपत्ति जताई कि दस्तावेजों में पटवारियों को विक्रेता के रूप में क्यों दर्शाया जा रहा है। विरोध स्वरूप कर्मचारियों ने शासकीय संवाद माध्यमों और विभागीय समूहों से दूरी बना ली। इसके अलावा सेवा से अलग किए गए पाँच पटवारियों को सम्मानपूर्वक बहाल करने की माँग भी प्रशासन के समक्ष रखी गई।
दूसरी ओर गैस वितरण व्यवस्था से जुड़े वितरकों ने भी आंदोलन का रुख किया है। आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल से संबद्ध लगभग छब्बीस हज़ार डिस्ट्रीब्यूटरों ने राजधानी भोपाल में प्लेटिनम पार्क से टीन शेड तक कैंडल मार्च निकालने की योजना बनाई है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी माँगें पूरी नहीं हुईं तो वे राष्ट्रीय राजधानी में जंतर-मंतर पर एक दिवसीय धरना देंगे और इसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जा सकते हैं।
वितरक संघ ने मुख्य रूप से घरेलू सिलेंडर आपूर्ति और कमीशन राशि में तत्काल पचहत्तर रुपये की वृद्धि करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही पीएनजी की अनिवार्यता समाप्त करने, केवाईसी सत्यापन के लिए दो सौ छत्तीस रुपये का भुगतान सुनिश्चित करने और गैर-ज़रूरी अतिरिक्त उत्पादों की जबरन बिक्री पर रोक लगाने की माँग भी शामिल है।