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महतारी वंदन योजना: नारायणपुर के कुंदला गाँव की उमिता कुमेटी को मिली 30वीं किस्त की मदद

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Ishanjyotibora / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर ज़िले में स्थित सुदूर कुंदला गाँव की निवासी उमिता कुमेटी को राज्य शासन की महतारी वंदन योजना के ज़रिये नियमित वित्तीय संबल मिल रहा है। जनसंपर्क विभाग से जारी विवरण के अनुसार, रक्षाबंधन के पर्व के मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा योजना के अंतर्गत हितग्राहियों के बैंक खातों में एक हज़ार रुपये की 30वीं किस्त का सीधा अंतरण किया गया था। इस मासिक राशि के समय पर पहुँचने से हितग्राही परिवारों को तात्कालिक आवश्यकताओं के प्रबंधन में सहायता मिल रही है।

हितग्राही उमिता कुमेटी के अनुसार, त्योहार के दौरान मिली इस राशि का इस्तेमाल उन्होंने रक्षाबंधन की ज़रूरी सामग्री, राखियाँ, मिठाइयाँ तथा उपहार लेने के लिए किया। उन्होंने बताया कि इस सहयोग से पर्व का आयोजन बिना किसी आर्थिक तंगी के संपन्न हो सका। नियमित तौर पर मिलने वाले इस मासिक सहयोग ने महिलाओं की रोज़मर्रा के छोटे-मोटे ख़र्चों के लिए दूसरों पर निर्भरता घटाने का काम किया है।

योजना के पैसों के उपयोग को लेकर उमिता ने बताया कि इस राशि का अहम हिस्सा बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी ज़रूरतों में लगाया जा रहा है। वे प्राप्त पैसों से कॉपियाँ, किताबें, पेन और दूसरी अध्ययन सामग्री जुटा रही हैं, जिससे बच्चों की शिक्षा में आने वाली आर्थिक अड़चनें दूर हो सकी हैं। अधिकारियों का कहना है कि हर माह मिलने वाली यह तय सहायता राशि ग्रामीण महिलाओं के स्वावलंबन और गृह प्रबंधन को सुचारु बनाने में सहायक सिद्ध हो रही है।

जनसंपर्क विभाग की विज्ञप्ति में रेखांकित किया गया है कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक तौर पर सक्षम बनाना और समाज में उनका आत्मसम्मान बढ़ाना है। नियमित वित्तीय आधार मिलने के चलते महिलाएँ पारिवारिक स्तर पर लिए जाने वाले निर्णयों में भी अपनी बात प्रभावी ढंग से रख पा रही हैं।

हितग्राही उमिता कुमेटी ने रक्षाबंधन के अवसर पर समय से राशि उपलब्ध कराने के लिए राज्य शासन के प्रति आभार जताया है। सरकारी स्तर पर यह दावा किया गया है कि दूरस्थ अंचलों तक निरंतर वित्तीय सहयोग पहुँचाकर महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक स्तर को सशक्त बनाया जा रहा है।

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