महासमुंद में वनभूमि पट्टाधारक किसानों का पंजीयन शुरू, समर्थन मूल्य पर बेच सकेंगे धान

महासमुंद ज़िले में वन अधिकार पट्टाधारक कृषकों के लिए शासकीय समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। खाद्य विभाग द्वारा ऐसे पात्र किसानों को उपार्जन व्यवस्था से जोड़ने के लिए पोर्टल पर पंजीयन का कार्य संचालित किया जा रहा है। पूर्व में सॉफ्टवेयर व्यवस्था में वनभूमि पट्टे का स्पष्ट विकल्प उपलब्ध न होने के कारण अनेक काश्तकार सरकारी खरीद केंद्रों में अपनी उपज बेचने से वंचित रह जाते थे।
जिला खाद्य अधिकारी आशीष चतुर्वेदी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ज़िले में अब तक 3,344 वनभूमि पट्टे स्वीकृत किए गए हैं। इन स्वीकृत पट्टों के तहत लगभग 3,535.142 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि पर काश्तकार खेती कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त राजस्व भूमि योजना के अंतर्गत 6,078 पात्र हितग्राहियों को पट्टे प्रदान किए गए हैं, जिनका कुल रकबा 2,816.676 हेक्टेयर दर्ज है। वर्तमान व्यवस्था के तहत वनभूमि तथा राजस्व भूमि दोनों वर्गों के पात्र पट्टाधारी किसान सरकारी उपार्जन केंद्रों में अपनी उपज का विक्रय कर सकेंगे।
समर्थन मूल्य प्रणाली का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन कराना अनिवार्य किया गया है। इसके निमित्त पट्टा प्रमाण पत्र, बी-1 अथवा खसरा नकल, आधार कार्ड तथा बैंक पासबुक की प्रतिलिपि संबंधित प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था या निर्धारित केंद्र में प्रस्तुत करनी होगी। यदि किसी मूल पट्टाधारक का निधन हो चुका है, तो खाद्य विभाग में विधिवत आवेदन प्रस्तुत करने के बाद उनके वारिसों में से किसी एक पुत्र के नाम पर पंजीयन की अनुमति दी जाएगी।
ज़िले में कुल 118 प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाएँ कार्यरत हैं, जिनमें से 72 से अधिक संस्थाओं में किसानों का पंजीयन दर्ज किया जा चुका है। खमतराई क्षेत्र के कृषक देवलाल पटेल के अनुसार एग्रीस्टेक पोर्टल में आवश्यक सुधार कराने के उपरांत उन्होंने पहली बार अपनी उपज बेचने के लिए पंजीयन कराया है।
पंजीयन व्यवस्था सुलभ होने से पहले छोटे तथा सीमांत पट्टाधारकों को बिचौलियों को कम दरों पर अपनी फसल बेचनी पड़ती थी। अधिकारियों के अनुसार सरकारी उपार्जन व्यवस्था का विस्तार होने से वनांचल क्षेत्र के किसानों को उपज का वाजिब मूल्य प्राप्त होने के साथ ही स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सहयोग मिलने की संभावना है।