प्रदेश के 7 ज़िलों में दवा दुकानों और गोदामों की जांच, 36 प्रकार की दवाइयां ज़ब्त व एक लाइसेंस निलंबित

छत्तीसगढ़ में बिना अनुमति और बगैर लाइसेंस दवाइयों के भंडारण तथा बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने राज्य के सात ज़िलों में सघन जांच अभियान चलाया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस मुहिम के तहत मेडिकल स्टोरों, थोक गोदामों और दवा आपूर्ति से जुड़े ठिकानों में लाइसेंस, बिल, स्टॉक पंजी और डॉक्टर की पर्चियों समेत आवश्यक दस्तावेजों की विस्तृत जांच की गई। इसके अतिरिक्त जनसंपर्क विभाग के अनुसार राजधानी रायपुर में बच्चों के स्वास्थ्य कार्यक्रमों को लेकर एक बैठक भी आयोजित की गई।
जांच अभियान के तहत बिलासपुर ज़िले के तखतपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम खमरिया में बगैर लाइसेंस दवाइयां रखे जाने की सूचना पर टीम ने दबिश दी। वहां से छत्तीस तरह की दवाएं बरामद कर ज़ब्त की गईं और उनके नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। इसी क्रम में बिलासपुर में कूरियर और ऑनलाइन माध्यम से दवाओं की आपूर्ति करने वाले ई-कार्ट गोदाम के स्टॉक, बिल और स्रोत से जुड़े दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच की गई।
जशपुर ज़िले में नियमों की अनदेखी करने पर मां भगवती मेडिकल स्टोर के खिलाफ कदम उठाया गया। नोटिस और रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद विभाग ने संबंधित दुकान का दवा विक्रय लाइसेंस पंद्रह दिनों के लिए निलंबित कर दिया। वहीं कोरबा ज़िले में पुलिस और औषधि प्रशासन के संयुक्त दल ने मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान खासतौर पर एंटीबायोटिक और प्रतिबंधित दवाओं के रिकॉर्ड व स्टॉक का मिलान किया गया तथा कमियां मिलने पर संचालकों को नोटिस थमाए गए।
सारंगढ़ में छह दवा दुकानों के निरीक्षण के दौरान तीन में गड़बड़ियां सामने आईं, जिस पर अग्रिम कार्रवाई शुरू की गई है। वहां दवा विक्रेताओं को बिना डॉक्टर के पर्चे के नशीली या मनःप्रभावी औषधियां न देने और दुकानों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए गए। नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए धमतरी में केमिस्ट एसोसिएशन के साथ बैठक कर नियमों के पालन की अपील की गई। वहीं राजनांदगांव ज़िले के हडुवा स्थित शासकीय स्कूल में विद्यार्थियों को नशे और तंबाकू के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया तथा कोटपा अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई।