शासन-प्रशासन

शिक्षकों को श्वान गणना का दायित्व सौंपने का निर्देश

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Shreyasime / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

प्रशासनिक स्तर पर जारी निर्देशों के अनुसार शिक्षकों को अब श्वान गणना का कार्य भी संभालना होगा। इस नए निर्देश के तहत शिक्षकों को संबंधित इलाकों में पाए जाने वाले श्वानों की संख्या से जुड़े आंकड़े जुटाने का दायित्व दिया गया है।

प्राप्त विवरण के अनुसार शिक्षकों को निर्धारित प्रारूप में श्वानों का विवरण दर्ज करना होगा। इस प्रक्रिया में श्वान के रंग और उसके लिंग से संबंधित तथ्य शामिल करने होंगे। इसके साथ ही यह भी दर्ज किया जाएगा कि संबंधित श्वान शांत प्रकृति का है अथवा उसका व्यवहार आक्रामक और हिंसक है। इन सभी बिंदुओं का उल्लेख सर्वेक्षण के दौरान किया जाना अनिवार्य किया गया है।

इस व्यवस्था के तहत जमीनी स्तर पर श्वानों की प्रकृति और उनकी पहचान से जुड़े विभिन्न पक्षों को दर्ज करने का कार्य शिक्षकों के जिम्मे सौंपा गया है। श्वान के रंग-रूप, नर या मादा होने की जानकारी तथा उनके सामान्य या उग्र स्वभाव को चिन्हित करने का काम शिक्षकों को करना होगा।

इस प्रकार के कार्यों में शिक्षकों की संलग्नता को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। प्रशासनिक स्तर से जारी इस तरह के निर्देशों के क्रियान्वयन और उसके व्यावहारिक पहलुओं पर नजर रखी जा रही है।

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