राजनांदगांव : श्रीरामलला दर्शन योजना: 28 हजार से अधिक तीर्थयात्रियों ने की निःशुल्क यात्रा

छत्तीसगढ़ सरकार की श्रीरामलला दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक राज्य के 28 हजार से अधिक नागरिक निःशुल्क तीर्थयात्रा कर चुके हैं। इस व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम स्थित श्रीरामलला के साथ-साथ काशी विश्वनाथ के दर्शन भी कराए जा रहे हैं। योजना में यात्रियों के आने-जाने, ठहरने, भोजन, सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सभी प्रबंध शासन की ओर से किए गए हैं।
हाल ही में राजनांदगांव और दुर्ग से लगभग 850 श्रद्धालुओं का जत्था एक विशेष ट्रेन के माध्यम से अयोध्या धाम और काशी के लिए रवाना हुआ। पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने राजनांदगांव रेलवे स्टेशन पर हरी झंडी दिखाकर इस विशेष रेल को रवाना किया, जबकि इस अवसर पर सांसद संतोष पाण्डेय भी उपस्थित रहे।
योजना के निर्धारित नियमों के मुताबिक 18 से 75 वर्ष की आयु वर्ग के छत्तीसगढ़ के मूल निवासी इस यात्रा के पात्र हैं। आवेदकों का शारीरिक रूप से स्वस्थ होना आवश्यक है, जबकि दिव्यांग जनों को अपने साथ एक सहयोगी ले जाने की अनुमति है। शुरुआती चरण में 55 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को वरीयता दी गई है। शासकीय सेवकों को इस सुविधा के दायरे से बाहर रखा गया है और प्रत्येक नागरिक को जीवन में केवल एक बार ही इस सरकारी योजना का लाभ मिल सकता है।
तीर्थयात्रियों के निष्पक्ष चयन के लिए प्रत्येक ज़िले में कलेक्टर की अध्यक्षता में श्रीरामलला दर्शन समिति बनाई गई है। कुल कोटे में से 75 प्रतिशत दर्शनार्थी ग्रामीण अंचलों से और 25 प्रतिशत शहरी क्षेत्रों से चुने जा रहे हैं। नारायणपुर समेत विभिन्न ज़िलों में इस यात्रा के लिए स्थानीय स्तर पर आवेदन मंगाए गए हैं।
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा संचालित इस योजना के लिए 35 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया था, जिसके जरिए हर साल लगभग 20 हजार श्रद्धालुओं को दर्शन कराने का लक्ष्य तय किया गया। इस क्रम में पहली विशेष रेल सात फरवरी को दुर्ग स्टेशन से रवाना हुई थी। इसके अलावा रायपुर, रायगढ़ और अंबिकापुर जैसे प्रमुख स्टेशनों से भी अयोध्या के लिए विशेष रेलगाड़ियों के संचालन की व्यवस्था रखी गई है।