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बीजापुर में बिना सड़क बने 45 करोड़ भुगतान पर 25 अधिकारियों को नोटिस, बस्तर में छह निर्माण एजेंसियों पर रोक

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Mettle30 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में सड़क परियोजनाओं में अनियमितता और लेटलतीफी को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सख्त कदम उठाए गए हैं। बीजापुर ज़िले में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत बिना काम पूरा किए करोड़ों रुपये के भुगतान का मामला सामने आया है। इसके साथ ही बस्तर क्षेत्र में सड़क और पुल निर्माण में ढिलाई बरतने वाली एजेंसियों पर लोक निर्माण विभाग ने दंडात्मक कार्रवाई की है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, बीजापुर में वर्ष 2018-19 के दौरान स्वीकृत 24 ग्रामीण सड़कों के मामले में यह गड़बड़ी हुई। मैदानी स्तर पर काम किए बिना ही वर्ष 2020-21 में लगभग 45 करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान कर दिया गया और केंद्रीय पोर्टल पर गलत जानकारी दर्ज करा दी गई। इस प्रकरण में संलिप्त 25 तकनीकी और प्रशासनिक अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

नोटिस पाने वाले अधिकारियों में पांच सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इनमें पूर्व अधीक्षण अभियंता केआर शास्त्री, कार्यपालन अभियंता विजय कुमार कोमरे, आरके साहू, पीएम साहू और एमपी खरे शामिल हैं। इसके अतिरिक्त संविदा पर कार्यरत उप अभियंता एसएल कुर्रे को भी जवाब तलब किया गया है। विभाग के सचिव भीम सिंह के अनुसार, यदि अधिकारियों के जवाब असंतोषजनक पाए गए तो उनकी पेंशन रोकने की कार्रवाई की जाएगी। मामले में तत्कालीन प्रमुख अभियंता अरविंद राही से भी स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

शासन ने इस गड़बड़ी में शामिल 15 ठेकेदारों से राशि वसूली के औपचारिक निर्देश जारी कर दिए हैं। जिन संविदाकारों से वसूली की जानी है उनमें मेसर्स पी.एस.ए कंस्ट्रक्शन, मेसर्स सोनी कंस्ट्रक्शन, मेसर्स गुप्ता कंस्ट्रक्शन कंपनी, हरबीर सिंह बढेसा, मेसर्स रविन्दर सिंह ढिल्लन, मेसर्स बाफना कंस्ट्रक्शन, मेसर्स आईकॉन इन्फ्रास्ट्रक्चर, मेसर्स एम.एस.आर. कंस्ट्रक्शन, मेसर्स मो. फिरोज कंस्ट्रक्शन, मेसर्स चन्द्रप्रकाश सिंह, मेसर्स सजन गुप्ता, मेसर्स धनगल बिल्डर्स, श्रींग कंस्ट्रक्शन, मेसर्स कुलकर्णी एंड साहू बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड तथा मेसर्स गंगा कंस्ट्रक्शन शामिल हैं। तय समय में राशि जमा न करने पर इनके विरुद्ध पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।

दूसरी ओर, लोक निर्माण विभाग ने बस्तर संभाग में काम में देरी करने वाले छह ठेकेदारों के पंजीयन नवीनीकरण को प्रतिबंधित किया है तथा दो फर्मों का पंजीयन निरस्त कर दिया है। विभाग की इस कार्रवाई की जद में के. मोहन रेड्डी, ट्रांसाफ्ट इंफ्रा, शांति विजय कन्सट्रक्शन, राघवा कन्सट्रक्शन, बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर और पंकज आए हैं।

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