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सीआरपीएफ में तीन दशक बाद लांस नायक और नायक पदों की वापसी का प्रस्ताव, मुख्यालय ने माँगी राय

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Amiyashrivastava / Wikimedia Commons (CC BY-SA 3.0)

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के मुख्यालय ने जवानों की पदोन्नति में आ रहे गतिरोध को दूर करने के लिए लांस नायक और नायक पदों को पुनर्जीवित करने का मसौदा तैयार किया है। देश की इस विशाल अर्धसैनिक इकाई में करीब तीस वर्षों से बंद पड़े इन पदों को सैन्य ढांचे की तर्ज पर दोबारा शुरू करने की योजना बनाई गई है। बल के शीर्ष नेतृत्व ने इस संदर्भ में अपनी सभी क्षेत्रीय बटालियनों को निर्देश जारी किए हैं कि वे दो दिनों के भीतर सैनिक सम्मेलन बुलाकर अधिकारियों और सिपाहियों से विस्तृत सुझाव प्राप्त करें।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को देखें तो केंद्रीय गृह मंत्रालय के दस अक्टूबर उन्नीस सौ सत्तानवे के एक परिपत्र के आधार पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल तथा सीमा सुरक्षा बल से ये दोनों मध्यवर्ती पद हटा दिए गए थे। उस समय वेतन और पदों के सरलीकरण के दौरान लांस नायक को सिपाही पद में तथा नायक को हेड कांस्टेबल पद में समाहित कर दिया गया था। लगभग सवा तीन लाख कर्मियों की नफरी वाले इस सुरक्षा बल में मौजूदा समय में एक कांस्टेबल को हेड कांस्टेबल बनने में बाइस से पच्चीस वर्ष का लंबा समय लग जाता है।

मुख्यालय द्वारा तैयार प्रस्तावित व्यवस्था के तहत समयबद्ध प्रोन्नति का ढांचा बनाया गया है। पाँच वर्ष की सेवा पूर्ण करने के उपरांत जवान को लांस नायक, दस वर्ष की सेवा पर नायक और पंद्रह वर्ष की कार्यावधि पूर्ण होने पर हेड कांस्टेबल पद देने का प्रावधान रखा गया है। वर्तमान समय में लांस नायक के लिए केवल अनौपचारिक व्यवस्था ही लागू है।

यह प्रशासनिक पहल सेना में चार वर्ष की सेवा पूरी कर निकलने वाले पूर्व अग्निवीरों को सुरक्षा बलों में शामिल करने की योजना से भी जुड़ी है। गृह मंत्रालय ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में अग्निवीरों के लिए दस प्रतिशत का कोटा निर्धारित किया है। इसके अलावा उन्हें अधिकतम उम्र सीमा में तीन से पाँच वर्ष की रियायत और शारीरिक दक्षता परीक्षा से पूर्ण मुक्ति दी गई है। बल द्वारा बनाई जाने वाली विशेष बटालियन में पचास प्रतिशत स्थान पूर्व अग्निवीरों के लिए सुरक्षित किए गए हैं। दूसरी तरफ पूर्व कर्मियों के संगठन के महासचिव रणबीर सिंह ने कहा कि यह कदम तभी प्रभावी होगा जब जवानों को समयबद्ध वित्तीय लाभ और पदोन्नति मिले।

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